Indian Railways News : रेलवे ने इकोनॉमी क्लास के किराए में की कटौती, जाने कितनी मिलेंगी सुविधाएं

भारतीय रेलवे की ओर से इस आदेश के साथ पहले के एक सर्कुलर को वापस ले लिया गया है, जिसमें एसी-3 टीयर इकोनॉमी क्लास के टिकट के लिए किराये को एसी 3-टीयर टिकट के किराये के समान कर दिया गया था. पहले किराया समान करने की वजह चादर की कीमत बताई गई थी.
Indian Railways News : ट्रेनों में सफर करने वाले लोगों के लिए एक खुशखबरी है. वह यह है कि भारतीय रेलवे की ट्रेनों में भी इकोनॉमी क्लास निर्धारित कर दी गई है. इसमें वातानुकूलित 3-टायर (एसी-3 टायर) को इकोनॉमी क्लास बनाया है. खबर यह है कि रेलवे ने इकोनॉमी क्लास (3ई) में सफर करने वाले यात्रियों के लिए किराए को बहाल करने का आदेश दिया है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल के नवंबर महीने में इसके किराए को 3-टायर के साथ मिलाते हुए वापस ले लिया गया था. भारतीय रेलवे के आदेशानुसार, इकोनॉमी क्लास का किराया बहाल होने के बावजूद ट्रेनों की सवारियों को चादर मिलती रहेगी.
सर्कुलर वापस
मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय रेलवे की ओर से इस आदेश के साथ पहले के एक सर्कुलर को वापस ले लिया गया है, जिसमें एसी-3 टीयर इकोनॉमी क्लास के टिकट के लिए किराये को एसी 3-टीयर टिकट के किराये के समान कर दिया गया था. पहले किराया समान करने की वजह चादर की कीमत बताई गई थी.
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अतिरिक्त पैसे होंगे वापस
भारतीय रेलवे के आदेश के अनुसार, जिन यात्रियों ने ऑनलाइन और काउंटर से टिकट बुक कराया है, उन्हें पहले बुक की जा चुकीं टिकट के लिए अतिरिक्त राशि वापस की जाएगी. भारतीय रेलवे ने सितंबर 2021 में 3 इकोनॉमी क्लास शुरू करते हुए ऐलान किया था कि इन नये डिब्बों में किराया सामान्य एसी-3 कोच से 6-8 फीसदी कम होगा. इसे दुनिया में सर्वश्रेष्ठ और सबसे सस्ती एसी यात्रा सेवा करार दिया गया था.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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