तिमाही नतीजों का दम, पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बम-बम! भारत की वृद्धि दर 6.5% पर

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Indian Economy

Indian Economy: भारत की अर्थव्यवस्था ने 2024-25 में 6.5% की वृद्धि दर हासिल कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की. जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.4% रही. कृषि, निर्माण और सेवाओं ने अहम योगदान दिया. जीडीपी का आकार 330.68 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा. विशेषज्ञों के अनुसार भारत की ग्रोथ स्थिर बनी रहेगी. तिमाही आंकड़े देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाते हैं, जिससे भारत की वैश्विक रैंकिंग और मजबूत हुई है.

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Indian Economy: तिमाही नतीजों के दम पर दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बम-कम कर रही है. भारत की अर्थव्यवस्था ने 2024-25 में 6.5% की जीडीपी वृद्धि दर दर्ज की, जो सरकार के पूर्वानुमानों के अनुरूप है. जनवरी-मार्च तिमाही में वृद्धि दर 7.4% रही, जो भले ही पिछली तिमाही से धीमी है, लेकिन पूरे वित्त वर्ष में यह प्रदर्शन संतोषजनक माना गया है.

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तिमाही प्रदर्शन (वित्त वर्ष 2024-25)

  • अप्रैल-जून: 6.5%
  • जुलाई-सितंबर: 5.6%
  • अक्टूबर-दिसंबर: 6.4%
  • जनवरी-मार्च: 7.4%

कुल आर्थिक आकार और वैश्विक रैंकिंग

भारत की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़कर 330.68 लाख करोड़ रुपये (करीब 3.9 लाख करोड़ डॉलर) हो गया है. मार्च 2025 के अंत तक भारत अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी के बाद दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहा.

वित्त वर्ष 2024-25 की मुख्य आर्थिक विशेषताएं

  • स्थिर कीमतों पर जीडीपी: 187.97 लाख करोड़ रुपये (6.5% वृद्धि)
  • मौजूदा कीमतों पर जीडीपी: 330.68 लाख करोड़ रुपये (9.8% वृद्धि)
  • स्थिर कीमतों पर जीवीए: 171.87 लाख करोड़ रुपये (6.4% वृद्धि)
  • मौजूदा कीमतों पर जीवीए: 300.22 लाख करोड़ रुपये (9.5% वृद्धि)

अर्थव्यवस्था में प्रमुख क्षेत्रों का योगदान

  • कृषि क्षेत्र: 4.6% की वार्षिक वृद्धि (2023-24 में 2.7%)
  • विनिर्माण क्षेत्र: 4.5% की वार्षिक वृद्धि (2023-24 में 12.3%)
  • निर्माण क्षेत्र: 10.8% वृद्धि (2023-24 में 8.7%)
  • सेवाएं (व्यापार, होटल आदि): 6% (2023-24 में 6.2%)
  • वित्तीय, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सेवाएं: 7.8%
  • सार्वजनिक प्रशासन और रक्षा: 8.7%

जनवरी-मार्च तिमाही में क्षेत्रीय प्रदर्शन

  • विनिर्माण: 4.8% (पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट)
  • कृषि: 5.4% (2023-24 में 0.9%)
  • बिजली, गैस और जल सेवाएं: 5.4% (2023-24 में 8.8%)
  • सेवाएं (व्यापार, होटल, परिवहन आदि): 6% (2023-24 में 6.2%)
  • वित्तीय सेवाएं: 7.8% (2023-24 में 9%)

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विशेषज्ञों की राय

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि वृद्धि दर अनुमान के अनुसार ही रही है और भारत की स्थिति अन्य अर्थव्यवस्थाओं से बेहतर बनी हुई है. इक्रा की अदिति नायर ने 2025-26 की पहली तिमाही में वृद्धि दर घटकर 6.2% रहने की आशंका जताई, जबकि डीबीएस बैंक की राधिका राव ने इसे 6.5% के करीब रहने का अनुमान जताया. डेलॉयट इंडिया की रुमकी मजूमदार ने कृषि क्षेत्र को सबसे मजबूत क्षेत्र बताया.

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