Service PMI Oct 2023: अक्टूबर में भारत के सर्विस सेक्टर ने किया निराश, 7 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा पीएमआई
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Nov 2023 1:58 PM
Service PMI Oct 2023: एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में अर्थशास्त्र की एसोसिएट निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा कि कई कंपनियां नए अनुबंध हासिल करने में कामयाब रहीं, लेकिन कुछ ने अपनी सेवाओं तथा प्रतिस्पर्धी स्थितियों की धीमी मांग को लेकर चिंता व्यक्त की.
Service PMI Oct 2023: भारत के सेवा क्षेत्र की गतिविधियां अक्टूबर में सात महीने के निचले स्तर पर पहुंच गईं. प्रतिस्पर्धी स्थितियों और मूल्य दबावों के बीच उत्पादन तथा मांग में नरमी के कारण यह गिरावट आई है. एक मासिक सर्वेक्षण में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई है. मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल भारत सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक अक्टूबर में 58.4 पर पहुंच गया. यह सितंबर में 13 साल के उच्चतम स्तर पर 61 पर पहुंच गया था. खरीद प्रबंधक सूचकांक (PMI) की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम अंक का आशय संकुचन से होता है. सर्वेक्षण सेवा क्षेत्र की करीब 400 कंपनियों को भेजे गए प्रश्नावली के जवाबों पर आधारित है. एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में अर्थशास्त्र की एसोसिएट निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा कि कई कंपनियां नए अनुबंध हासिल करने में कामयाब रहीं, लेकिन कुछ ने अपनी सेवाओं तथा प्रतिस्पर्धी स्थितियों की धीमी मांग को लेकर चिंता व्यक्त की. अक्टूबर के आंकड़ों में सितंबर 2014 में श्रृंखला शुरू होने के बाद से भारतीय सेवा कंपनियों को दिए गए अंतरराष्ट्रीय अनुबंधों में दूसरी सबसे तेज वृद्धि को दर्ज होने की बात सामने आई.
एसएंडपी ग्लोबल इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स घटा
सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले लोगों ने एशिया, यूरोप और अमेरिका में ग्राहकों से लाभ होने का उल्लेख किया. भारत में सेवा कंपनियों ने अक्टूबर में अपने खर्चों में वृद्धि दर्ज की जिसके लिए उन्होंने भोजन, ईंधन और कर्मचारियों की उच्च लागत को जिम्मेदार ठहराया. इस बीच एसएंडपी ग्लोबल इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स अक्टूबर में 58.4 रहा, जो सितंबर में 61 था.
मैन्युफैक्चरिंग PMI की गतिविधि भी पड़ी कमजोर
भारत में विनिर्माण गतिविधियां अक्टूबर में आठ महीने के निचले स्तर पर रहीं. नए ऑर्डर में नरमी से उत्पादन वृद्धि में कमी आई. बुधवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई. मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) अक्टूबर में गिरकर 55.5 पर आ गया, जो सितंबर में 57.5 था. अक्टूबर में यह आठ महीने के निचले स्तर पर रहा. अक्टूबर के पीएमआई आंकड़े में हालांकि लगातार 28वें महीने समग्र परिचालन स्थितियों में सुधार के संकेत मिले हैं. पीएमआई की भाषा में सूचकांक का 50 से ऊपर होने का मतलब विस्तार है जबकि 50 से नीचे होना संकुचन को दर्शाता है. एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में अर्थशास्त्र एसोसिएट निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा कि नया ऑर्डर सूचकांक एक साल के निचले स्तर पर फिसल गया. कुछ कंपनियों ने अपने उत्पादों की मौजूदा मांग को लेकर चिंता जाहिर की है.
चार प्रतिशत से कम कंपनियों ने नए लोगों को दिया काम
सर्वेक्षण के अनुसार कुल नए ऑर्डर, उत्पादन, निर्यात, खरीदारी के स्तर तथा खरीद में धीमी ही सही, पर्याप्त बढ़ोतरी हुई. नियुक्ति गतिविधि फीकी पड़ गई और कारोबारी विश्वास पांच महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई. सर्वेक्षण के अनुसार, अक्टूबर के आंकड़ों ने सितंबर के बाद से वृद्धि में गिरावट का संकेत है. वास्तविक सबूतों से पता चलता है कि कुछ उत्पादों की धीमी मांग और भयंकर प्रतिस्पर्धा ने तेजी को रोक दिया है. नौकरियों की बात की जाए तो चार प्रतिशत से भी कम कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों को काम पर रखा और 95 प्रतिशत ने कार्यबल संख्या अपरिवर्तित रही. रोजगार सृजन की दर मामूली और अप्रैल के बाद से सबसे धीमी है. कीमतों की बात करें तो लागत दबाव बढ़ा है, जबकि ‘आउटपुट’ मूल्य मुद्रास्फीति कम हो गई.
(भाषा इनपुट के साथ)
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