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Remittance पाने के मामले में भारत ने चीन को पछाड़ा, पाकिस्तान फिसड्डी

Updated at : 27 Jun 2024 3:19 PM (IST)
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Remittance पाने के मामले में भारत ने चीन को पछाड़ा, पाकिस्तान फिसड्डी

Remittance in dollar

Remittance: रेमिटेंस पाने वाले इन पांच देशों की तुलना की जाए, तो भारत ने चीन और पाकिस्तान को काफी पीछे छोड़ दिया है. पाकिस्तान इस मामले में 12 प्रतिशत लुढ़क कर 27 अरब डॉलर पर पहुंच गया.

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Remittance: सात समंदर पार विदेश में रह रहे प्रवासी भारतीयों में अजब का देशप्रेम जागा है. खबर है कि विदेश में रहने वाले प्रवासी भारतीयों ने साल 2023 में 120 अरब डॉलर रेमिटेंस भेजकर भारत सरकार के खजाने को भरने में अहम भूमिका निभाई है. इन प्रवासी भारतीयों ने जितनी रकम भारत को भेजी है, वह मेक्सिको को भेजी गई रकम के मुकाबले दोगुना है. मेक्सिको को इसी अवधि में करीब 66 अरब डॉलर की रेमिटेंस हासिल हुई है. खास बात यह है कि रेमिटेंस पाने के मामले में भारत ने चीन को पछाड़ दिया है.

रेमिटेंस पाने के मामले में भारत ने चीन को पछाड़ा

विश्व बैंक की ओर से जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, विदेश में रहने वाले लोगों से जिन देशों को रेमिटेंस भेजी गई है, उन पांच देशों भारत टॉप पर है. भारत के अलावा इन पांच देशों में चीन (50 अरब डॉलर), फिलिपीन (39 अरब डॉलर) और पाकिस्तान (27 अरब डॉलर) शामिल हैं. रेमिटेंस पाने वाले इन पांच देशों की तुलना की जाए, तो भारत ने चीन और पाकिस्तान को काफी पीछे छोड़ दिया है.

भारत के रेमिटेंस में 7.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज

विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021-2022 के दौरान मजबूत वृद्धि के बाद 2023 में आधिकारिक तौर पर बाहर से भेजे गये पैसे या धन प्रेषण निम्न और मध्यम आमदनी वाले देशों (एलएमआईसी) में कम रहा और यह 656 अरब डॉलर तक पहुंच गया. भारत के मामले में विदेश से आने वाली रेमिटेंस पाने में 2023 में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 120 अरब डॉलर रहा.

अमेरिका में महंगाई में गिरावट और श्रम बाजार में मजबूती

प्रवासी भारतीयों की ओर से देश में अपने रिश्तेदारों के पास भेजी गई रकम (रेमिटेंस) अमेरिकी महंगाई में आई गिरावट और मजबूत श्रम बाजारों के लाभ को बताता है. अमेरिका भारत के कुशल प्रवासियों के लिए सबसे बड़ा गंतव्य है. इसके अलावा, कुशल और अर्द्ध कुशल श्रमिकों की खाड़ी देशों (जीसीसी) में मांग से भी आने वाले रेमिटेंस पर सकारात्मक असर पड़ा.

रेमिटेंस के मामले में पाकिस्तान फिसड्डी

पाकिस्तान के मामले में भी विदेशों में मांग अच्छी थी और इससे रेमिटेंस अच्छा हो सकता था, लेकिन भुगतान संतुलन संकट तथा आर्थिक कठिनाइयों के कारण कमजोर आंतरिक स्थिति से यह 2023 में 12 प्रतिशत लुढ़क कर 27 अरब डॉलर रहा. वहीं 2022 में उसे 30 अरब डॉलर प्राप्त हुए थे.

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सबसे अधिक अमेरिका में रहने वाले भारतीयों ने भेजे पैसे

विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश में रहने वाले प्रवासियों की ओर से भारत को भेजे गए पैसे के स्रोत के मामले में अमेरिका सबसे टॉप पर है. इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) दूसरे स्थान पर रहा. यूएई से कुल 18 प्रतिशत धन प्राप्त हुआ.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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