ePaper

IDBI Bank की Privatization रेस में नया ट्विस्ट, Kotak की एंट्री से बढ़ी हलचल

Updated at : 22 Nov 2025 3:05 PM (IST)
विज्ञापन
IDBI Bank की Privatization रेस में नया ट्विस्ट, Kotak की एंट्री से बढ़ी हलचल

IDBI Bank की प्राइवेटाइजेशन रेस में Kotak Mahindra Bank की एंट्री ने हलचल बढ़ा दी है.

IDBI Bank Privatization: IDBI Bank की प्राइवेटाइजेशन एक बार फिर सुर्खियों में है और इस बार वजह Kotak Mahindra Bank की दिलचस्पी है. Oaktree Capital और Fairfax पहले से ही रेस में हैं, लेकिन Kotak की एंट्री ने मुकाबला और तेज कर दिया है. इतने बड़े मार्केट कैप वाले बैंक में 60% हिस्सेदारी खरीदना आसान नहीं होगा, मगर रिपोर्ट्स कहती हैं कि Kotak कैश और शेयर के साथ एक स्मार्ट डील की तरफ बढ़ सकता है. सरकार 2026 तक इस प्रक्रिया को पूरा करना चाहती है. अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या यह ऐतिहासिक डील जल्द सच बनेगी या नहीं.

विज्ञापन

IDBI Bank Privatization: IDBI Bank की प्राइवेटाइजेशन को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है और अब इस खबर में फिर से हलचल तेज हो गई है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, Kotak Mahindra Bank भी अब IDBI Bank में हिस्सेदारी खरीदने की दौड़ में शामिल हो गया है. इससे पहले Oaktree Capital और Fairfax जैसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स की रुचि सामने आ चुकी है. हालांकि Kotak Mahindra Bank ने अभी तक इस दावे को न तो मंजूर किया है और न ही साफ इनकार किया है.

इतनी बड़ी डील में दिक्कत कहां है?

रिपोर्ट बताती है कि निवेशकों के सामने सबसे बड़ा चैलेंज IDBI Bank का भारी-भरकम मार्केट कैप है. बैंक की कीमत करीब 1 लाख करोड़ रुपये के आसपास है. ऐसे में 60% हिस्सेदारी खरीदना किसी भी निवेशक के लिए आसान नहीं होगा. कहा जा रहा है कि Kotak Mahindra Bank कैश और शेयर को मिलाकर एक मर्जर डील की ओर बढ़ सकता है, ताकि बोझ कम पड़े.

ALSO READ: SEBI: अनरेगुलेटेड Digital Gold से रहे सावधान, सुरक्षित निवेश के लिए ETF चुनें

सरकार कब करेगी डील फाइनल?

सरकार ने पहले ही कहा है कि वह वित्त वर्ष 2026 के अंत तक IDBI Bank की प्राइवेटाइजेशन को पूरा करना चाहती है. मौजूदा समय में 45.48% हिस्सा सरकार के पास और 49.24% LIC के पास है. कुल मिलाकर 61% हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया DIPAM देख रहा है. वहीं एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि स्टेक सेल के लिए ड्यू डिलिजेंस पूरा हो चुका है और अक्टूबर-दिसंबर के बीच फाइनेंशियल बिड्स मंगाई जा सकती हैं.

LIC का रोल अब सिर्फ निवेशक वाला क्यों?

कुछ समय पहले LIC को IDBI Bank के प्रमोटर की जगह केवल एक फाइनेंशियल इन्वेस्टर के रूप में दर्ज किया गया है. इसका मतलब है कि अब LIC बैंक के मैनेजमेंट में दखल नहीं देगा, बल्कि सिर्फ निवेशक की तरह बना रहने वाला है.

ALSO READ: गिग वर्कर्स से फैक्ट्री तक, सबकी किस्मत बदलने आ गई है नई Labour Codes

विज्ञापन
Soumya Shahdeo

लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola