इडली, डोसा और दलिया के शौकीनों को लगने वाला है करारा झटका, जल्द बढ़ेंगी कीमतें

एएआर ने कहा कि डोसा मिक्स और इडली मिक्स को पैक करके मिक्स के रूप में बेचा जाता है, जिसे पानी, उबला हुआ पानी, दही के साथ मिलाकर घोल बनाया जाता है और जो उत्पाद बेचा जाता है, वह पावडर होता है, बैटर नहीं.
GST on Ready-to-cook : अगर आप इडली, डोसा और दलिया मिक्स खाने के शौकीन हैं, तो आपको जल्द ही झटका लगने वाला है. इसका कारण यह है कि इन्हें बनाने के लिए रेडी-टू-कुक पावडर पर वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) की दरें बढ़ने वाली हैं. रेडी-टु-कुक इडली, डोसा, दलिया मिक्स जैसे खाद्य पदार्थों पर जीएसटी की दरें बढ़ने से इनकी कीमतों में भी इजाफा होने के आसार हैं.
रेडी-टू-कुक वाले खाद्य पदार्थ पर 18 फीसदी जीएसटी
समाचार एजेंसी पीटीआई की खबर के अनुसार, पावडर के रूप में बिकने वाले रेडी टू कुक डोसा, इडली, दलिया मिक्स जैसी खाद्य वस्तुओं आदि पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा. हालांकि, बैटर के रूप में बेची जाने वाली खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी की दर 5 फीसदी ही रह सकता है. अग्रिम निर्णय प्राधिकरण (एएआर) ने यह व्यवस्था दी है.
49 फूड आइटम्स पर बढ़ सकती है जीएसटी
दरअसल, कृष्णा भवन फूड्स एंड स्वीट्स ने एएआर की तमिलनाडु पीठ में एक याचिका दायर की थी, जिसमें किसी ब्रांड नाम के तहत बेचे जाने वाले बाजरा, ज्वार, रागी और मल्टीग्रेन दलिया मिक्स जैसे 49 उत्पादों पर लागू जीएसटी दर को लेकर फैसला सुनाने की अपील की गई थी. एएआर ने कहा कि कंपनी द्वारा पावडर के रूप में बेचे जाने वाले उत्पाद खाद्य पदार्थ हैं.
डोसा-इडली मिक्स पर 9-9 फीसदी लगता है सीजीएसटी-सीजीएसटी
एएआर ने कहा कि डोसा मिक्स और इडली मिक्स को पैक करके मिक्स के रूप में बेचा जाता है, जिसे पानी, उबला हुआ पानी, दही के साथ मिलाकर घोल बनाया जाता है और जो उत्पाद बेचा जाता है, वह पावडर होता है, बैटर नहीं. वे सभी 49 उत्पाद जिनके लिए फैसला सुनाने की मांग गई है, सीटीएच 2106 के तहत कैटेगराइज्ड हैं और उन पर लागू होने वाली दर 9 फीसदी केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) और 9 फीसदी राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) है.
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लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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