चौथी तिमाही में 6.5 फीसदी तक रह सकती है जीडीपी ग्रोथ रेट, इंडिया रेटिंग्स का अनुमान

चौथी तिमाही में 6.2 फीसदी रह सकती है जीडीपी ग्रोथ रेट. फोटो: सोशल मीडिया
GDP Growth: भारतीय अर्थव्यवस्था 2023-24 की जून की तिमाही में 8.2 फीसदी, सितंबर की तिमाही में 8.1 फीसदी और दिसंबर की तिमाही में 8.4 फीसदी की दर से बढ़ी है. चौथी तिमाही की ग्रोथ रेट 6.2 फीसदी होगी.
GDP Growth Of India: भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि के आंकड़े 31 मई 2024 तक सरकार की ओर से जारी कर दिए जाएंगे. इससे पहले, देश-दुनिया की रेटिंग एजेंसियों ने आर्थिक वृद्धि को लेकर अनुमान जाहिर करना शुरू कर दिया है. 31 मई तक मार्च 2024 को समाप्त हुई चौथी तिमाही के साथ-साथ वित्त वर्ष 2023-24 के आर्थिक वृद्धि के आंकड़े पेश किए जाएंगे. इस बीच, रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स की ओर से अनुमान जाहिर किया गया है कि चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.2 फीसदी रह सकता है. वहीं, वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी तक रहने की उम्मीद है.
31 मई को जीडीपी ग्रोथ का अनुमान जारी करेगी सरकार
इंडिया रेटिंग्स के प्रमुख सुनील कुमार सिन्हा ने अनुमान जाहिर किया है कि चौथी तिमाही में भारत के जीडीपी ग्रोथ 6.2 फीसदी रहने की उम्मीद है. इसके साथ ही, उन्होंने अपने अनुमान में यह भी कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान भारत का आर्थिक वृद्धि दर (जीडीपी ग्रोथ) करीब 7 फीसदी तक रह सकती है. सरकार जनवरी से मार्च तक की चौथी तिमाही और वित्त वर्ष 2023-24 के लिए जीडीपी वृद्धि के शुरुआती अनुमान 31 मई को जारी करेगी.
वित्त वर्ष 2023-24 में 6.9 से 7 फीसदी रहेगी जीडीपी ग्रोथ रेट
भारतीय अर्थव्यवस्था 2023-24 की जून की तिमाही में 8.2 फीसदी, सितंबर की तिमाही में 8.1 फीसदी और दिसंबर की तिमाही में 8.4 फीसदी की दर से बढ़ी है. इंडिया रेटिंग्स के अर्थशास्त्री सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि चौथी तिमाही की ग्रोथ रेट 6.2 फीसदी होगी और वित्त वर्ष 2023-24 के लिए कुल जीडीपी वृद्धि दर करीब 6.9 से 7 फीसदी के बीच रहेगी.
पहली दो तिमाहियों में मिला फायदा
उन्होंने कहा कि पहली दो तिमाहियों में ग्रोथ रेट को कम आधार का फायदा मिला. हालांकि, तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2023) के बीच 8.4 फीसदी की ग्रोथ रेट आश्चर्यजनक थी. उन्होंने कहा कि जब हम आंकड़ों का विश्लेषण करते हैं, तो पता चलता है कि जीवीए और जीडीपी के बीच अंतर है. तीसरी तिमाही में जीडीपी को एक बड़ा प्रोत्साहन रिकॉर्ड टैक्स कलेक्शन से मिला है, लेकिन चौथी तिमाही में ऐसा होने की संभावना नहीं है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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