पता चला गया दुनिया के 10 सबसे गरीब देश, क्या पाकिस्तान भी जल्द ही इसमें शामिल होगा?

Forbes Poorest countries in the world 2025
Forbes Poorest countries in the world 2025: दुनिया के 10 सबसे गरीब देशों की सूची में पाकिस्तान अभी शामिल नहीं है, लेकिन गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ता कर्ज और महंगाई इसे जल्द ही इस सूची के करीब ला सकते हैं.
Forbes Poorest countries in the world 2025: दुनिया में आर्थिक असमानता एक बड़ी समस्या है. कुछ देश जहां अत्यधिक समृद्ध हैं, वहीं कई देश गरीबी की चपेट में हैं. 2025 की फोर्ब्स सूची के अनुसार, GDP प्रति व्यक्ति (GDP per capita) के आधार पर दुनिया के 10 सबसे गरीब देश निम्नलिखित हैं. इन देशों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करने वाले कारकों में राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार, बुनियादी ढांचे की कमी और प्राकृतिक आपदाएं प्रमुख हैं.
दुनिया के 10 सबसे गरीब देश (GDP प्रति व्यक्ति के आधार पर)
| क्रमांक | देश | GDP (बिलियन डॉलर) | जनसंख्या (करोड़) | प्रति व्यक्ति GDP (डॉलर) |
| 1 | दक्षिण सूडान | 29.99 | 1.11 | 2,700 |
| 2 | बुरुंडी | 2.15 | 1.34 | 160 |
| 3 | मध्य अफ्रीकी गणराज्य | 3.03 | 0.58 | 520 |
| 4 | मलावी | 10.78 | 2.14 | 500 |
| 5 | मोजाम्बिक | 24.55 | 3.45 | 710 |
| 6 | सोमालिया | 13.89 | 1.90 | 730 |
| 7 | कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य | 79.24 | 10.43 | 760 |
| 8 | लाइबेरिया | 5.05 | 0.55 | 920 |
| 9 | यमन | 16.22 | 3.44 | 470 |
| 10 | मेडागास्कर | 18.1 | 3.03 | 600 |
इन देशों की आर्थिक स्थिति पर प्रमुख प्रभाव डालने वाले कारण
राजनीतिक अस्थिरता और संघर्ष: इन देशों में अक्सर राजनीतिक अस्थिरता और गृहयुद्ध देखने को मिलता है. उदाहरण के लिए, दक्षिण सूडान, सोमालिया और यमन में लंबे समय से हिंसा और संघर्ष जारी है, जिससे आर्थिक विकास रुक गया है.
भ्रष्टाचार और कमजोर शासन: कई गरीब देशों में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है. सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग और गलत आर्थिक नीतियों के कारण गरीबी बढ़ रही है. बुरुंडी और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में यह समस्या अधिक गंभीर है.
प्राकृतिक आपदाएं और जलवायु परिवर्तन: मोजाम्बिक, मलावी, और मेडागास्कर जैसे देशों में बाढ़, सूखा और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाएं लगातार होती रहती हैं, जिससे कृषि प्रभावित होती है और अर्थव्यवस्था कमजोर हो जाती है.
कमजोर बुनियादी ढांचा और सीमित औद्योगिक विकास: इन देशों में उद्योग और बुनियादी ढांचे का विकास काफी धीमा है. लाइबेरिया और मध्य अफ्रीकी गणराज्य में बुनियादी सेवाओं की कमी के कारण निवेश और व्यापार के अवसर कम हो जाते हैं.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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