EPFO: नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर हुआ आसान, मंजूरी की झंझट खत्म, लाखों कर्मचारियों को राहत
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 25 Apr 2025 6:37 PM
EPFO News
EPFO: ईपीएफओ ने नौकरी बदलने पर पीएफ खाता स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल बना दिया है. अब अधिकतर मामलों में नियोक्ता की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी. संशोधित फॉर्म-13 सॉफ्टवेयर के जरिए स्वचालित ट्रांसफर की सुविधा मिलेगी, जिससे 1.25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा होगा और प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सकेगी.
EPFO: नौकरी बदलने वालों के लिए ईपीएफओ (EPFO) ने बड़ी राहत दी है. अब पीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया और भी आसान कर दी गई है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एक नई सॉफ्टवेयर व्यवस्था लागू की है, जिससे अब पीएफ खाते को एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस में ट्रांसफर करने में नियोक्ता की मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ेगी.
ऑटोमैटिक ट्रांसफर प्रक्रिया
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, पहले पीएफ स्थानांतरण में दो कार्यालयों की भूमिका होती थी, जिसमें स्रोत और गंतव्य कार्यालय शामिल होते थे. अब ईपीएफओ ने संशोधित फॉर्म-13 सॉफ्टवेयर प्रणाली की शुरुआत की है, जिससे यह प्रक्रिया ऑटोमैटिक हो गई है.
नए सिस्टम में क्या है खास
- अब ट्रांसफर के लिए गंतव्य ऑफिस की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी.
- स्रोत कार्यालय द्वारा दावा स्वीकार होते ही पैसा नए खाते में स्थानांतरित हो जाएगा.
- कर-योग्य और गैर-कर योग्य हिस्सों का स्पष्ट विभाजन होगा.
- टीडीएस की सटीक गणना के लिए बेहतर डेटा उपलब्ध होगा.
- कई UAN को एक साथ मर्ज करने की सुविधा से भी ट्रैकिंग आसान होगी.
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1.25 करोड़ कर्मचारियों को होगा लाभ
मंत्रालय ने बताया कि इस नई व्यवस्था से हर साल लगभग 90,000 करोड़ रुपये के पीएफ ट्रांसफर को गति मिलेगी. इससे करीब 1.25 करोड़ से अधिक कर्मचारियों को सीधे लाभ मिलेगा. अब कर्मचारियों को पीएफ ट्रांसफर में देरी और दस्तावेज़ी जटिलताओं का सामना नहीं करना पड़ेगा. इसके साथ ही, ईपीएफओ अब सदस्य की उपलब्ध जानकारी के आधार पर कई यूएएन (UAN) को जोड़ने की सुविधा भी दे रहा है, जिससे खाता क्लीयरेंस और ट्रैकिंग और भी सुविधाजनक हो जाएगी. यह बदलाव “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “डिजिटल इंडिया” पहल को भी मजबूती देता है, जिससे देश के लाखों वेतनभोगी कर्मचारियों को सीधा फायदा पहुंचेगा.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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