अब एटीएम से कैश की तरह तुरंत निकाल सकेंगे PF, जानिए कब होगी शुरुआत
EPFO 3.0 (फोटो : AI)
EPFO 3.0 : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाने के लिए 'EPFO 3.0' लॉन्च करने जा रहा है. इसके लागू होने के बाद कर्मचारी अपने पीएफ खाते से बैंक अकाउंट की तरह एटीएम या यूपीआई के जरिए रियल-टाइम में पैसा निकाल सकेंगे.
EPFO 3.0 : देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि (Provident Fund) को लेकर एक बेहद शानदार और क्रांतिकारी खबर आ रही है. अब आपको पीएफ का पैसा निकालने के लिए न तो हफ्तों का लंबा इंतजार करना पड़ेगा और न ही बार-बार फॉर्म रिजेक्ट होने की झंझट झेलनी होगी. सोचिए, जिस तरह आप एटीएम (ATM) से कैश निकालते हैं या यूपीआई (UPI) के जरिए तुरंत पेमेंट करते हैं, ठीक वैसी ही स्पीड अब आपके पीएफ क्लेम सेटलमेंट में भी दिखने वाली है.
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने पूरे सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए ‘EPFO 3.0’ को धरातल पर उतारने की तैयारी कर रहा है. इसके तहत पीएफ निकासी (PF Withdrawal) की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह रियल-टाइम और डिजिटल कर दिया जाएगा.
बैंक अकाउंट की तरह काम करेगा पीएफ खाता
EPFO 3.0 के तहत होने वाला सबसे बड़ा बदलाव कर्मचारियों को चौंकाने वाला है. नए सिस्टम के लागू होने के बाद कर्मचारी जरूरत पड़ने पर सीधे यूपीआई और एटीएम के जरिए अपने पीएफ खाते से पैसा निकाल सकेंगे.
- कोर बैंकिंग तकनीक: ईपीएफओ अपने डेटाबेस और ट्रांजैक्शन सिस्टम को बैंकों की तरह ‘कोर बैंकिंग’ (Core Banking) तकनीक से जोड़ रहा है.
- रियल-टाइम सेटलमेंट: अभी तक ऑनलाइन क्लेम करने के बाद पैसा बैंक खाते में आने में कई दिन या हफ्तों का समय लग जाता है, लेकिन नया सिस्टम आने के बाद ट्रांजैक्शन तुरंत (Instant) प्रोसेस होंगे. यूपीआई आधारित इस सिस्टम की टेस्टिंग भी लगभग पूरी हो चुकी है.
सुविधा मिलेगी आसान, लेकिन नियम रहेंगे पुराने
एटीएम या यूपीआई से पैसा निकालने की सुविधा मिलने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप जब चाहें पूरा पैसा निकाल लें. पीएफ निकासी की लिमिट और शर्तें पूरी तरह से मौजूदा नियमों के आधार पर ही तय होंगी, जो कि इस प्रकार हैं.
पूर्ण निकासी (100% Withdrawal)
- रिटायरमेंट: नौकरी से रिटायर होने पर कर्मचारी अपना पूरा पीएफ बैलेंस एक साथ निकाल सकते हैं.
- बेरोजगारी की स्थिति: यदि किसी कर्मचारी की नौकरी छूट जाती है और वह लगातार 2 महीने तक बेरोजगार रहता है, तो उसे 100% फंड निकालने की अनुमति होती है.
आंशिक निकासी (Partial Withdrawal Rules)
आपातकालीन स्थितियों या जरूरी कामों के लिए आंशिक तौर पर पैसा निकालने की सीमा अभी की तरह ही तय शर्तों के अधीन रहेगी.
- शादी ब्याह के लिए: कर्मचारी अपने कुल योगदान का अधिकतम 50% तक हिस्सा निकाल सकते हैं.
- उच्च शिक्षा: बच्चों या खुद की उच्च शिक्षा के लिए भी 50% तक फंड निकाला जा सकता है.
- मेडिकल इमरजेंसी: इलाज या गंभीर बीमारी की स्थिति में जरूरत के मुताबिक (कई मामलों में पूरी राशि भी) तत्काल निकाली जा सकती है.
- मकान या जमीन खरीदना: घर बनाने या नया मकान खरीदने के लिए कर्मचारी के सर्विस पीरियड और सैलरी के आधार पर तय लिमिट के तहत पैसा ट्रांसफर होगा.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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