ऑनलाइन विज्ञापनों पर अब नहीं लगेगा डिजिटल टैक्स, सरकार ने वित्त विधेयक में किया शामिल

Online Advertising
Finance Bill: सरकार की ओर से संसद में पेश वित्त विधेयक को लोकसभा से मंजूरी मिल गई है. हालांकि, राज्यसभा से पारित होना अभी बाकी है. वित्त विधेयक में सरकार ने ऑनलाइन विज्ञापन पर लगने वाले 6% के डिजिटल टैक्स को समाप्त करने का प्रावधान किया है. इससे ऑनलाइन विज्ञापनदाताओं को फायदा होने की उम्मीद है.
Finance Bill: ऑनलाइन विज्ञापन देने वालों के लिए बड़ी खबर है और वह यह है कि अब उन्हें ऑनलाइन विज्ञापन पर डिजिटल टैक्स नहीं देना पड़ेगा. सरकार ने लोकसभा में पेश वित्त विधेयक में ऑनलाइन विज्ञापनों पर लगने वाले 6% के डिजिटल टैक्स को समाप्त करने का प्रावधान को शामिल किया है. मंगलवार को लोकसभा में वित्त विधेयक, 2025 को 35 सरकारी संशोधनों के साथ मंजूरी दे दी गई है, जिसमें ऑनलाइन विज्ञापनों पर 6% डिजिटल टैक्स को समाप्त करने का प्रावधान भी शामिल है.
वित्त विधेयक को राज्यसभा से पास होना अभी बाकी
वित्त विधेयक, 2025 के पारित होने के साथ लोकसभा ने बजटीय अनुमोदन प्रक्रिया का अपना कार्य पूरा कर लिया. अब उच्च सदन राज्यसभा इस विधेयक पर विचार करेगा. राज्यसभा से विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद 2025-26 की बजट प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.
बजट में 50.65 लाख करोड़ के व्यय का प्रावधान
केंद्रीय बजट 2025-26 में कुल 50.65 लाख करोड़ रुपये के व्यय की परिकल्पना की गई है, जो चालू वित्त वर्ष की तुलना में 7.4% अधिक है. अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित कुल पूंजीगत व्यय 11.22 लाख करोड़ रुपये और प्रभावी पूंजीगत व्यय 15.48 लाख करोड़ रुपये है. इसमें 42.70 लाख करोड़ रुपये का सकल कर राजस्व संग्रह और 14.01 लाख करोड़ रुपये की सकल उधारी का प्रस्ताव है.
इसे भी पढ़ें: सड़क हादसों पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान, GDP को सालाना 3% का नुकसान
स्मॉल सेविंग्स और भविष्य निधि पर ब्याज बढ़ने के आसार
बजट दस्तावेजों के अनुसार, एक अप्रैल 2025 से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए 5,41,850.21 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं. यह चालू वित्त वर्ष के लिए 4,15,356.25 करोड़ रुपये है. वर्ष 2025-26 के लिए व्यय का बजट अनुमान कई कारणों से बढ़ गया है, जिसमें मार्केट लोन, स्मॉल सेविंग्स और भविष्य निधि पर ब्याज के भुगतान में वृद्धि जैसे प्रावधान शामिल हैं.
इसे भी पढ़ें: पूरा भारत नहीं जानता सबसे अमीर किसानों का नाम, जान जाएगा तो करने लगेगा करोड़ों की खेती
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




