सीईए सुब्रमण्यम ने की कृषि कानूनों वकालत की, बोले - रिलायंस-आईटीसी के हाथों फसल बेचकर कमाई बढ़ा सकेंगे किसान

पिछले साल संसद में तीन नए कृषि कानूनों को परित किया था. संसद से इन कानूनों के पास होने के बाद से देश के हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं. किसानों के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2021 में इन तीनों कानूनों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है.
मुंबई : मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) कृष्णामूर्ति सुब्रमण्यम ने सोमवार को सरकार के तीन नए कृषि कानूनों की वकालत की है. उन्होंने किसानों को आदमनी बढ़ाने का सुझाव देते हुए कहा कि वे रिलायंस और आईटीसी जैसी कंपनियों के हाथों अपनी फसलों को बेचकर अच्छी कमाई कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि इन कृषि कानूनों के जरिए देश के किसानों को अपनी फसल बेचने की स्वतंत्रता दी गई है. इन कानूनों के जरिए देश में बाजार में कंपीटिशन पैदा होगा.
बता दें कि पिछले साल संसद में तीन नए कृषि कानूनों को परित किया था. संसद से इन कानूनों के पास होने के बाद से देश के हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं. किसानों के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2021 में इन तीनों कानूनों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है.
सोमवार को मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने कहा कि इन तीनों कृषि कानूनों से देश के छोटे और सीमांत किसानों की आमदनी में सुधार होगा. सरकार की ओर से देश के किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है. मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि किसानों की फसल केवल कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) में बेचने से उनकी कमाई प्रभावित हुई है.
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उन्होंने कहा कि एपीएमसी में खरीदार बिचौलिये की भूमिका निभाते हैं और जल्दी खराब होने वाली फसलों में उन्हें मुनाफा अधिक होता है. उन्होंने कहा कि ये तीनों कृषि कानून बाजार में प्रतिस्पर्धा का माहौल पैदा करते हैं. इनके जरिए किसान बिचौलियों को अपना सौदा देने की बजाए लागत और मुनाफा के हिसाब दाम वसूलने के लिए किसी के भी हाथ अपनी फसल बेच सकते हैं.
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