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CBDT: आपके आयकर रिटर्न और एनुअल स्टेटमेंट में है अंतर तो जल्द करें ठीक, सीबीडीटी भेज रहा मैसेज

Updated at : 17 Dec 2024 4:40 PM (IST)
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आपके आयकर रिटर्न और एनुअल स्टेटमेंट में है अंतर तो जल्द करें ठीक, सीबीडीटी भेज रहा मैसेज

CBDT: आयकर विभाग ने मंगलवार को बताया कि वह आयकर रिटर्न (ITR) और वार्षिक सूचना विवरण (AIS) में पाए गए अंतर को लेकर करदाताओं और रिटर्न दाखिल न करने वाले व्यक्तियों को एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से सूचनाएं भेज रहा है.

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CBDT: आयकर विभाग ने मंगलवार को बताया कि वह आयकर रिटर्न (ITR) और वार्षिक सूचना विवरण (AIS) में पाए गए अंतर को लेकर करदाताओं और रिटर्न दाखिल न करने वाले व्यक्तियों को एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से सूचनाएं भेज रहा है.

ये संदेश विशेष रूप से उन मामलों में भेजे जा रहे हैं जहां वित्त वर्ष 2023-24 और 2021-22 के लिए AIS में दर्ज लेनदेन की जानकारी और ITR में घोषित आय में असमानता पाई गई है.

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने अपने बयान में कहा कि उसने AIS में दर्ज आय और लेनदेन तथा ITR में दी गई जानकारी के बीच के अंतर को हल करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है. इस अभियान के माध्यम से उन व्यक्तियों को भी चिन्हित किया गया है जिनकी कर योग्य आय या बड़े मूल्य के लेनदेन AIS में दर्ज हैं लेकिन उन्होंने संबंधित वित्त वर्ष के लिए ITR दाखिल नहीं किया है

ई-मेल और एसएमएस के जरिए सूचना

यह पहल ई-सत्यापन योजना, 2021 के कार्यान्वयन के तहत की जा रही है.इस अभियान के तहत करदाताओं को सूचनात्मक एसएमएस और ई-मेल भेजे जा रहे हैं, ताकि उन्हें ITR और AIS में दर्ज जानकारी के बीच अंतर को दूर करने में मदद मिल सके. AIS करदाता की वित्तीय जानकारी का एक विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है, जिसे करदाता आयकर विभाग के पोर्टल पर देख सकते हैं और आवश्यकतानुसार प्रतिक्रिया दे सकते हैं

CBDT ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य उन करदाताओं को याद दिलाना और मार्गदर्शन करना है जिन्होंने ITR में अपनी पूरी आय का सही ढंग से खुलासा नहीं किया है. इसके तहत करदाता वित्त वर्ष 2023-24 के लिए संशोधित ITR 31 दिसंबर 2024 तक दाखिल कर सकते हैं.

वहीं वित्त वर्ष 2021-22 से संबंधित मामलों में करदाताओं को 31 मार्च, 2025 तक अद्यतन ITR दाखिल करने की सुविधा उपलब्ध है. गौरतलब है कि पिछले महीने भी CBDT ने एक विशेष अभियान शुरू किया था, जिसमें उन करदाताओं को संदेश भेजे गए थे, जिन्होंने आकलन वर्ष 2024-25 के लिए ITR में विदेशी आय या संपत्तियों का उच्च-मूल्य वाला खुलासा नहीं किया था.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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