8th Pay Commission : 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग से ₹18,000 बेसिक सैलरी हो सकती है ₹68,940? जानिए पूरा गणित

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8th Pay Commission

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8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ी हैं, खासकर ₹69,000 न्यूनतम बेसिक वेतन और 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग को लेकर. जानें आयोग क्या कर रहा है और आगे क्या होगा.

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8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच चर्चा तेज हो गई है. आयोग देशभर में कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों से सुझाव ले रहा है. इसी दौरान स्टाफ साइड ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर, ₹69,000 न्यूनतम बेसिक वेतन, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और HRA बढ़ाने जैसी मांगें रखी हैं.

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल आयोग ने फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन या किसी वेतन वृद्धि को लेकर कोई आधिकारिक सिफारिश या घोषणा नहीं की है. इसलिए ₹68,940 बेसिक पे की चर्चा केवल कर्मचारी संगठनों की मांग पर आधारित संभावित गणना है.

8वें वेतन आयोग का ताजा अपडेट

8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था. इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. आयोग फिलहाल देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स एसोसिएशन और अन्य हितधारकों से सुझाव प्राप्त कर रहा है. इन सुझावों के आधार पर आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसे केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा.

कर्मचारी संगठनों ने क्या-क्या मांग रखी है?

स्टाफ साइड ने आयोग के सामने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं.

प्रमुख मांगें

  • न्यूनतम बेसिक वेतन ₹69,000 किया जाए.
  • 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाए.
  • पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए.
  • हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बढ़ोतरी की जाए.
  • कर्मचारियों के अन्य भत्तों की भी समीक्षा की जाए.

इन सभी मांगों पर अंतिम फैसला आयोग की सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा.

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक (Multiplier) है, जिसके आधार पर कर्मचारियों का नया बेसिक वेतन तय किया जाता है. 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था. इसी के आधार पर न्यूनतम बेसिक वेतन ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 किया गया था.

यदि भविष्य में 3.83 फिटमेंट फैक्टर स्वीकार किया जाता है, तो वर्तमान बेसिक वेतन उसी अनुपात में संशोधित होगा.

वर्तमान बेसिक पेप्रस्तावित फिटमेंट फैक्टरसंभावित नया बेसिक पे*
₹18,0003.83₹68,940

नोट: यह केवल कर्मचारी संगठनों की मांग के आधार पर संभावित गणना है. आयोग या केंद्र सरकार ने अभी इसकी मंजूरी नहीं दी है.

7वें और 8वें वेतन आयोग में क्या अंतर हो सकता है?

विषय7वां वेतन आयोग8वां वेतन आयोग (वर्तमान स्थिति)
न्यूनतम बेसिक वेतन₹18,000₹69,000 की मांग
फिटमेंट फैक्टर2.573.83 की मांग
OPSलागू नहींबहाली की मांग
HRAवर्तमान व्यवस्थाबढ़ाने की मांग
स्थितिलागूविचाराधीन

कितने लोगों पर पड़ेगा असर?

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर इसका सीधा असर पड़ेगा.

  • लगभग 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों पर.
  • करीब 70 लाख पेंशनभोगियों पर.

इनमें रेलवे, रक्षा सेवाओं और अन्य केंद्रीय विभागों के कर्मचारी एवं पेंशनर्स शामिल हैं.

आयोग अब तक कहां-कहां कर चुका है बैठक?

आयोग लगातार विभिन्न राज्यों में बैठकें आयोजित कर रहा है.

अब तक आयोग ने.

  • दिल्ली
  • जम्मू-कश्मीर
  • लखनऊ

सहित कई स्थानों पर कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स से चर्चा की है. आगे भी विभिन्न राज्यों में संवाद का सिलसिला जारी रहेगा.

आगे क्या होगा?

8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तय समय सीमा के भीतर केंद्र सरकार को सौंपनी है. इसके बाद प्रक्रिया इस प्रकार होगी.

  1. आयोग अपनी सिफारिशें देगा.
  2. केंद्र सरकार उनका अध्ययन करेगी.
  3. केंद्रीय मंत्रिमंडल अंतिम निर्णय लेगा.
  4. मंजूरी मिलने के बाद नया वेतन और पेंशन लागू किए जाएंगे.

इसलिए फिलहाल वेतन वृद्धि या फिटमेंट फैक्टर को लेकर किसी भी दावे को अंतिम नहीं माना जा सकता.

क्या ₹69,000 न्यूनतम वेतन तय होना तय है?

नहीं. अभी ऐसा कहना सही नहीं होगा. ₹69,000 न्यूनतम बेसिक वेतन और 3.83 फिटमेंट फैक्टर कर्मचारी संगठनों के प्रस्ताव हैं. आयोग इन सुझावों पर विचार करेगा, लेकिन अंतिम सिफारिशें अलग भी हो सकती हैं. अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होगा.

ये भी पढ़ें: 8वें वेतन आयोग में बढ़ सकता है HRA, जानिए किसे मिल सकता है ₹73860 तक का फायदा 


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अभिषेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By अभिषेक पाण्डेय

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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