निवेशकों के मामले में कहां खड़ा है बिहार? इस पिद्दी से राज्य में निवेशकों की भरमार

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 06 Jul 2024 5:18 PM

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Invester Growth in Bihar

Investors Growth: घरेलू शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांस सेंसेक्स और निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच रहे हैं. इस कारण निवेशक तेजी से शेयर बाजार की ओर रुख कर रहे हैं. इन निवेशकों का दायरा केवल महानगरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राज्य, जिले और गांव में भी इनकी पहुंच बढ़ रही है.

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Investors Growth: निवेश किसी भी देश या राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बेहतरीन माना जाता है. निवेश के आधार पर अर्थव्यवस्था और बाजार की चाल तय की जाती है. इस समय घरेलू शेयर बाजार रोज नई ऊंचाइयों पर पहुंचकर रिकॉर्ड बना रहा है. इसका अर्थ यह है कि बाजार में निवेशकों की संख्या बढ़ी है. निवेशकों की संख्या बढ़ी है, तभी बाजार तेज गति से ऊंचाइयों को छू रहा है. बाजार में तेजी लाने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की जितनी अधिक भूमिका होती है, उससे कहीं अधिक घरेलू निवेशकों और खासकर खुदरा निवेशकों की भूमिका होती है. घरेलू निवेशकों की संख्या की बढ़ोतरी के के मामले में साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग होकर बने केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख सबसे अव्वल है, जबकि मध्य भारत में बसे अंग्रेजों के समय से स्थापित राज्य सबसे निचले स्थान पर है.

शेयर बाजार की ओर तेजी से बढ़ रहे Investors

मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांस सेंसेक्स और निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच रहे हैं. इस कारण निवेशक तेजी से शेयर बाजार की ओर रुख कर रहे हैं. इन निवेशकों का दायरा केवल महानगरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राज्य, जिले और गांव में भी इनकी पहुंच बढ़ रही है. बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों के साथ-साथ मुंबई और अहमदाबाद निवेशकों के पुराने हॉटस्पॉट में निवेशकों की संख्या सबसे अधिक है. लेकिन राज्यों के मामले में लद्दाख पहले पायदान पर बना हुआ है.

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एक साल में किस राज्य में सबसे अधिक बढ़े Investors

पिछले एक साल के दौरान राज्यों में निवेशकों की संख्या में बढ़ोतरी की बात की जाए, तो इसमें लद्दाख अव्वल है. पिछले एक साल के दौरान लद्दाख में निवेशकों की संख्या 370.57 फीसदी बढ़ी है. इसके बाद मिजोरम में 81.10 फीसदी, अरुणाचल प्रदेश में 62.19 फीसदी, लक्षद्वीप में 61.78 फीसदी, त्रिपुरा में 56.10 फीसदी, जम्मू एंड कश्मीर में 53.79 फीसदी, नगालैंड में 52.95 फीसदी, अंडमान एंड निकोबार में 49.51 फीसदी और बिहार में 49.41 फीसदी निवेशक बढ़े.

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किस राज्य में सबसे अधिक रजिस्टर्ड Investors

रजिस्टर्ड निवेशकों की बात की जाए, तो संख्या के लिहाज से देश में केवल 5 राज्य ही ऐसे हैं, जहां 1 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड निवेशक हैं. इस सूची में महाराष्ट्र सबसे अव्वल है. महाराष्ट्र में 3.35 करोड़, उत्तर प्रदेश में 1.97 करोड़, गुजरात में 1.68 करोड़, राजस्थान में 1.08 करोड़ और पश्चिम बंगाल में 1.01 करोड़ निवेशक हैं. एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक नए निवेशक दिल्ली और मुंबई में जुड़े हैं. इसके बाद बंगलूरु, पुणे, सूरत, अहमदाबाद, जयपुर, नॉर्थ 24 परगना, नागपुर और कोलकाता का स्थान आता है. राज्यों में नए निवेशकों की वृद्धि के मामले में उत्तर प्रदेश अव्वल है. इस राज्य में मई में 2.6 लाख नए निवेशकों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो मासिक आधार पर 15.5 फीसदी अधिक है. सालाना 51 फीसदी और मासिक आधार पर 17.5 फीसदी की ग्रोथ यानी 2.2 लाख नए रजिस्ट्रेशन के साथ महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर पर है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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