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पशुपालन स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज में भाग लेकर 10 लाख तक जीत सकते हैं पशुपालक, जानें आवेदन की आखिरी डेट

Updated at : 14 Jan 2022 12:33 PM (IST)
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पशुपालन स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज में भाग लेकर 10 लाख तक जीत सकते हैं पशुपालक, जानें आवेदन की आखिरी डेट

आवेदक इस चैलेंज के तहत डेयरी विभाग को पशुपालन के क्षेत्र में नए-नए इनोवेटिव आइडिया देकर विजेता के तौर पर 10 लाख रुपये जीत सकते हैं.

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नई दिल्ली : अगर आप पशुपालक हैं, तो आपके पास 10 लाख रुपये जीतने का बेहतरीन मौका है. इसके लिए मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अधीन कार्यरत पशुपालन और डेयरी विभाग ने डेयरी के क्षेत्र में नए-नए इनोवेशन लाने के लिए ‘पशुपालन स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज’ को लॉन्च किया था. इसके तहत आवेदन करके पशुपालक कम से 10 लाख रुपये तक जीत सकते हैं. मंत्रालय के अनुसार, ‘पशुपालन स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज’ को लॉन्च करने का उद्देश्य पशुपालन और डेयरी सेक्टर से जुड़ी 6 मुख्य समस्याओं को हल करने और उसके लिए इनोवेटिव आइडिया तलाशना है.

सरकार की इस योजना के अंतर्गत डेयरी क्षेत्र में काम कर रहे पशुपालकों और कारोबारियों को ‘पशुपालन स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज’ में आवेदन करने मौका दे रही है. आवेदक इस चैलेंज के तहत डेयरी विभाग को पशुपालन के क्षेत्र में नए-नए इनोवेटिव आइडिया देकर विजेता के तौर पर 10 लाख रुपये जीत सकते हैं. इच्छुक अभ्यर्थी पशुपालन स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज के दूसरे संस्करण के लिए विभाग की वेबसाइट पर जाकर 15 जनवरी 2022 तक आवेदन कर सकते हैं.


सितंबर 2019 में लॉन्च हुआ था ‘पशुपालन स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज’

सरकार ने इस चैलेंज के पहले संस्करण को सितंबर 2019 में लॉन्च किया था. सरकार इस अभियान की मदद से आधुनिक तकनीकों पर काम कर रहे युवा कारोबारियों को पशुपालन क्षेत्र में आने के लिये प्रोत्साहित करना चाहती है. डेयरी मंत्रालय के मुताबिक वे इस स्टार्टअप चैलेंज के माध्यम से पशुओं की संख्या बढ़ाने, पहचान के लिये आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने, दूध की आपूर्ति सुनिश्चित करने कोल्ड स्टोरेज आदि तैयार करने और गुणवत्ता सुधारने जैसी चुनौतियों पर बेहद सक्रियता से काम कर रहे हैं.

प्रतियोगिता में 6 चैलेंज

पशुपालन और डेयरी विभाग की वेबसाइट के अनुसार इस प्रतियोगिता में 6 चैलेंज रखे गए हैं. प्रत्येक चैंलेंज के विजेता को 10 लाख रुपये और उपविजेता को 7 लाख रुपये दिए जाएंगे. मंत्रालय इसके साथ विजेताओं को तीन महीने की ट्रेनिंग और 9 महीने तक उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखा जाएगा औऱ हरसंभव मदद का प्रयास किया जाएगा.

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इन चैलेंज के लिए अभ्यर्थी कर सकते हैं आवेदन

  • सीमन डोज के भंडारण और आपूर्ति के लिए लागत प्रभावी, दीर्घकालिक और उपयोगकर्ता के अनुकूल विकल्प

  • पशुओं की पहचान (आरएफआईडी) और उनका पता लगाने की लागत प्रभावी तकनीक का विकास

  • हीट डिटेक्शन किट का विकास

  • डेयरी पशुओं के लिए प्रेग्नेन्सी डाइग्नोसिस किट का विकास

  • ग्राम संग्रहण केन्द्र से डेयरी संयंत्र तक मौजूद दुग्ध आपूर्ति श्रृखंला में सुधार

  • कम लागत वाली कूलिंग और दुग्ध परिरक्षण प्रणाली और डेटा लॉगर का विकास

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