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Bangladesh Violence: बांग्लादेश में जलता हिंदू घर, भीड़ का तांडव… सियासी उथल-पुथल के बीच अल्पसंख्यक निशाने पर

Updated at : 29 Dec 2025 12:21 PM (IST)
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Bangladesh Violence Hindu House Torched

Bangladesh Violence Hindu House Torched

Bangladesh Violence: बांग्लादेश में राजनीतिक अशांति के बीच हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले तेज हो गए हैं. पीरोजपुर और चटगांव में हिंदू घरों में आग लगा दी गई. छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हालात और बिगड़ गए. तसलीमा नसरीन और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई है.

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Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हालात ठीक नहीं चल रहे हैं. देश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अब हिंदू समुदाय पर हमलों की खबरें सामने आ रही हैं. हाल ही में एक छात्र नेता की मौत के बाद भड़की हिंसा अब आम लोगों के घरों तक पहुंच गई है. ताजा मामला पिरोजपुर जिले का है, जहां एक हिंदू परिवार का घर आग लगाकर जला दिया गया.

पिरोजपुर के दुमृतोला गांव में साहा परिवार का घर जला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 27 दिसंबर को पिरोजपुर जिले के दुमृतोला गांव में साहा परिवार के घर पर हमला हुआ. आरोप है कि अज्ञात लोगों ने घर के एक कमरे में कपड़ा ठूंसकर आग लगा दी. आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते घर के पांच कमरे जलकर खाक हो गए. बताया जा रहा है कि यह हमला खास तौर पर हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर किया गया.

Bangladesh Violence in Hindi: तसलीमा नसरीन ने X पर उठाए सवाल

इस घटना पर बांग्लादेश की लेखिका तसलीमा नसरीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा कि दुमृतोला गांव में साहा परिवार के घर के पांच कमरे जला दिए गए. उनका आरोप है कि यह काम हिंदू विरोधी जिहादियों ने किया और आग उस समय लगाई गई जब पूरा परिवार सो रहा था. उन्होंने आगे चटगांव के राउजान इलाके का जिक्र करते हुए लिखा कि वहां भी सुबह-सुबह हिंदू घरों में इसी तरह आग लगाई गई. तसलीमा नसरीन ने सवाल उठाया कि क्या अब देश में बचे हुए सभी हिंदू घर इसी तरह जला दिए जाएंगे. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यूनुस सिर्फ बांसुरी बजा रहे हैं.

Bangladesh Violence Hindu House Torched in Hindi: चटगांव में भी हिंदू घर पर हमला

इससे पहले दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर चटग्राम के पास एक हिंदू परिवार के घर में भी आग लगाई गई थी. परिवार के लोगों ने बताया कि वे आग की गर्मी से नींद खुलने पर जागे, लेकिन बाहर नहीं निकल पाए क्योंकि घर के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए गए थे. किसी तरह दो परिवारों के आठ सदस्य टिन की चादर और बांस की बाड़ काटकर बाहर निकले. हालांकि, घर का सारा सामान जल गया और पालतू जानवरों की मौत हो गई.

द डेली स्टार की रिपोर्ट: पांच दिन में सात हिंदू घर जले

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. मौके से एक बंगाली भाषा में लिखा धमकी भरा संदेश भी मिला. इस संदेश में आरोप लगाया गया कि हिंदू समुदाय इस्लाम और मुस्लिम समाज के खिलाफ काम कर रहा है. संदेश में यह भी कहा गया कि अगर ऐसा जारी रहा तो गैर-मुसलमानों के घर, संपत्ति और कारोबार को नहीं छोड़ा जाएगा. बांग्लादेश के प्रमुख अखबार द डेली स्टार के मुताबिक, राउजान इलाके में पांच दिनों के भीतर सात हिंदू परिवारों के घरों में आग लगाई गई. इसके बाद पुलिस ने स्थानीय प्रभावशाली लोगों के साथ बैठक की और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने तथा ऐसे घिनौने अपराधों पर नजर रखने की बात कही.

छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत से भड़की हिंसा

बांग्लादेश में यह सब उस समय हो रहा है, जब देश पहले से ही गंभीर अशांति के दौर से गुजर रहा है. 12 दिसंबर को छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी, जो भारत के मुखर आलोचक माने जाते थे, को अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मार दी. उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. इसके बाद हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए और द डेली स्टार और प्रोथोम आलो जैसे मीडिया दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई.

ब्लास्फेमी के आरोप में हिंदू मजदूर की हत्या

हालात तब और बिगड़े जब मयमनसिंह में दीपु चंद्र दास नाम के एक हिंदू फैक्ट्री मजदूर को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और बाद में उसके शव को जला दिया. आरोप था कि उसने ईशनिंदा की है. इस घटना के बाद दुनिया के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए. इसी बीच अमृत मंडल नाम के एक और हिंदू व्यक्ति की भी भीड़ ने हत्या कर दी. इस बार आरोप जबरन वसूली का बताया गया. यह घटना भीड़ की बढ़ती हिंसा को दिखाती है.

यूनुस के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि आरोप, अफवाह या विचारों का टकराव कभी भी हिंसा की वजह नहीं बन सकता और किसी को कानून अपने हाथ में लेने का हक नहीं है. वहीं दी न्यूयॉर्क टाइम्स ने अगस्त 2025 की अपनी रिपोर्ट में लिखा कि छात्र आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने से देश में राजनीतिक खालीपन पैदा हुआ, जिसका फायदा कट्टरपंथी ताकतों ने उठाया.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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