विदेश में 10,500 करोड़ रुपये के काले धन के बारे में पता चला है : पीएम मोदी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Nov 2015 12:15 PM
नयी दिल्ली :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि आर्थिक सुधार समावेशी व व्यापक आधार वाले हों और उनका उद्देश्य आम लोगों के जीवन में सुधार लाना होना चाहिए न कि केवल सुर्खियां बटोरना.वे यहां छठे दिल्ली आर्थिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.उन्होंने कहा कि विदेश में जमा काला धन वापस लाने की सरकार […]
नयी दिल्ली :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि आर्थिक सुधार समावेशी व व्यापक आधार वाले हों और उनका उद्देश्य आम लोगों के जीवन में सुधार लाना होना चाहिए न कि केवल सुर्खियां बटोरना.वे यहां छठे दिल्ली आर्थिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.उन्होंने कहा कि विदेश में जमा काला धन वापस लाने की सरकार की कोशिशों के चलते 10,500 करोड रुपये के कालेधन का पता चला है.
उन्होंने कहा ‘‘17 महीने पहले जब हमने सत्ता संभाली थी उसके मुकाबले भारत अब बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर बढी है तथा मुद्रास्फीति घटी है. विदेशी निवेश बढा है और चालू खाते का घाटा कम हुआ है. राजस्व बढा है.. ब्याज दरें घटी हैं. राजकोषीय घाटा कम हुआ है और रपया में स्थिरता है. निश्चित तौर पर यह इत्तफाक से नहीं हुआ .. यह सोच-समझकर शुरु की गई नीतियों का नतीजा है.” आर्थिक मोर्चे पर उठाए गए अनेक कदमों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार का जोर ‘समावेशी व व्यापक आधार वाले सुधारों’ को आगे बढाने पर है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह :सुधार प्रक्रिया: एक मैराथन दौड है, इसे फर्राटा नहीं मानना चाहिये.’
मोदी ने कहा ‘‘मेरी आप सभी से अपील है कि आप पारंपरिक समाधानों से आगे बढकर सोचें. हमें सुधारों के अपने विचारों को कुछ मानकों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। सुधारों के हमारे विचार समावेशी और व्यापक होने चाहिए. सुधारों का लक्ष्य बडे अखबारों की बेहतर सुर्खियां नहीं बल्कि हमारी जनता का बेहतर जीवन होना चाहिए.” सम्मेलन में भारत व विदेशों से प्रमुख अर्थशास्त्री भाग ले रहे हैं. भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर मोदी ने कहा कि आयकर विभाग रिटर्न की ऑनलाइन जांच की एक प्रणाली शुरु करेगा और अधिकारियों के कामकाज के आकलन संबंधी प्रारुप में बदलाव करेगा ताकि उन्हें सही आदेश देने को प्रोत्साहित किया जा सके, साथ ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके.
उन्होंने कहा कि सरकार ने ईमानदार करदाताओं की सेवा के लिए अनेक कदम उठाए हैं. इस साल 91 प्रतिशत इलेक्ट्रानिक रिटर्न की जांच आदि का काम 90 दिन में ही पूरा कर लिया गया जबकि पिछले साल यह आंकडा 46 प्रतिशत रहा था. लगभग 90 प्रतिशत रिफंड 90 दिन में ही जारी कर दिए गए.
मोदी ने कहा, ‘मैंने आयकर अधिकारियों के लिए कामकाज आकलन प्रणाली में भी बदलाव का निर्देश दिया है. इस आकलन में यह भी पता चलना चाहिए कि अधिकारी के आदेश या आकलन अपील में सही रहे या नहीं। इससे जहां भ्रष्टाचार रकेगा वहीं अधिकारी सही आदेश जारी करने को प्रोत्साहित होंगे. ‘ भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक वृद्धि के रास्ते में आडे आने वाले इस खतरे को कम करने के लिये सरकार ने निर्णायक पहल की है. उन्होंने कहा कि इन पहलों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कामकाम में सुधार, कोयला, स्पेक्ट्रम, जैसे कीमती संसाधनों के आवंटन में विशेषाधिकार को समाप्त करने, निचले स्तर के रोजगार में साक्षात्कार खत्म करना और आयकर रिटर्न की इलेक्ट्रानिक फाइलिंग और जांच की प्रक्रिया शुरु की है.
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