रेल नीर घोटाला : दो अधिकारी निलंबित
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Oct 2015 4:25 PM
नयी दिल्ली : प्रीमियम ट्रेनों में बोतल या पैकेटों में बंद पेयजल की आपूर्ति में कथित भ्रष्टाचार के संबंध में सीबीआई द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान और 20 करोड रुपए नकद की बरामदगी के बाद रेलवे ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देर […]
नयी दिल्ली : प्रीमियम ट्रेनों में बोतल या पैकेटों में बंद पेयजल की आपूर्ति में कथित भ्रष्टाचार के संबंध में सीबीआई द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान और 20 करोड रुपए नकद की बरामदगी के बाद रेलवे ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देर रात ट्रेनों में बोतल या पैकेटों में बंद पेयजल आपूर्ति के मामले में कथित भ्रष्टाचार को लेकर दो अधिकारियों के खिलाफ निलंबन आदेश जारी किया गया.
मामले में संलिप्त अधिकारियों में उत्तर रेलवे के तत्कालीन मुख्य वाणिज्य प्रबंधकों (पीएस और केटरिंग) एम. एस. चालिया और संदीप सिलास का नाम शामिल है. इस सिलसिले में उत्तर रेलवे के दोनों पूर्व अधिकारियों और सात कंपनियों के खिलाफ सीबीआई ने 13 जगहों पर तलाशी के दौरान 20 करोड रुपये बरामद किए. रेल नीर का उत्पादन और ट्रेनों में इसकी आपूर्ति आईआरसीटीसी करता है. आईआरसीटीसी ने नांगलोई, दानापुर, चेन्नई और अमेठी सहित कई जगहों पर रेल नीर संयंत्र स्थापित किए हैं.
चेन्नई प्रतिदिन 15,000 पेटी, नांगलोई करीब 11,000 पेटी और दानापुर करीब 7,500 पेटी का उत्पादन करता है. एक पेटी में 12 बोतलें होती हैं. आईआरसीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हमारा काम महज रेल नीर का उत्पादन करना और रेलवे को इसकी आपूर्ति करना है ,फिर रेलवे यह फैसला करता है कि इसे कहां भेजा जाएगा.’
आईआरसीटीसी अधिकारी ने बताया कि रेल नीर उन सभी ट्रेनों में उपलब्ध है जहां केटरिंग सेवा का प्रबंधन वह स्वयं करता है. उन्होंने कहा, ‘हम उन सभी ट्रेनों में रेल नीर सुनिश्चित करते हैं जहां आईआरसीटीसी को केटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है.’ रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने भी रेलवे चेयरमैन बोर्ड से आईआरसीटीसी बुकिंग में मिल रही शिकायतों की जांच करने को कहा है और आईआरसीटीसी वेब बुकिंग का तकनीकी ऑडिट करने का आदेश दिया है.
प्रभु ने ट्वीट किया, ‘रेल बोर्ड के अध्यक्ष पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आईआरसीटीसी बुकिंग में मिल रही शिकायतों की जांच करेंगे. आईआरसीटीसी पर वेब बुकिंग के लिए भी पूर्ण तकनीकी ऑडिट का आदेश दिया गया है. किसी को भी प्रणाली में हेरफेर की इजाजत नहीं होगी.’ आरोप है कि आरोपियों ने प्रीमियम ट्रेनों में आवश्यक ‘रेल नीर’ के बजाय सस्ते बोतलबंद या पैकेट बंद पेयजल :पीडीडब्ल्यू: की आपूर्ति में निजी कंपनियों का कथित तौर पर साथ दिया.
सीबीआई के प्रवक्ता देवप्रीत सिंह ने कल बताया कि ऐसा आरोप है कि रेलवे बोर्ड ने तय किया कि आईआरसीटीसी प्रीमियम ट्रेनों में निजी केटरर्स को प्रति बोतल करीब साढे दस रुपये की दर पर रेल नीर मुहैया कराएगा और यात्रियों को आपूर्ति करने पर निजी केटरर्स को इसके लिए प्रति बोतल करीब 15 रुपये का भुगतान किया जाएगा.
अधिकारी ने बताया कि अनुचित लाभ पाने के मकसद से निजी आपूर्तिकर्ताओं ने ‘रेल नीर’ के बजाय कथित तौर पर सस्ते बोतल ओैर पैकेटबंद पेयजल की आपूर्ति की, जो बाजार में प्रति बोतल करीब पांच रुपये 70 पैसे से लेकर सात रुपये की दर पर उपलब्ध हैं. इसके कारण सरकारी खजाने को नुकसान हुआ और उन्हें निजी तौर पर लाभ हुआ.
प्रवक्ता ने बताया, ‘निजी केटरर्स द्वारा ‘रेल नीर’ का आवंटित कोटा नहीं उठाए जाने पर आईआरसीटीसी के बार बार अनुरोध करने के बावजूद आरोपी लोकसेवकों ने प्रीमियम ट्रेनों में केटरिंग सेवा मुहैया करा रही निजी कंपनियों के खिलाफ कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की.’
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