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बैंक ऑफ बडौदा : ईडी ने चार लोगों को हिरासत में लिया

Updated at : 13 Oct 2015 5:52 PM (IST)
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बैंक ऑफ बडौदा : ईडी ने चार लोगों को हिरासत में लिया

नयी दिल्ली :राष्ट्रीय राजधानी में बैंक ऑफ बडौदा (बॉब) की एक शाखा में 6,000 करोड रुपये की राशि विदेश भेजने के संदिग्ध मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एचडीएफसी बैंक के एक कर्मचारी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है. ईडी ने आज यहां अपने कार्यालय में लंबी गहन पूछताछ के बाद एचडीएफसी बैंक की […]

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नयी दिल्ली :राष्ट्रीय राजधानी में बैंक ऑफ बडौदा (बॉब) की एक शाखा में 6,000 करोड रुपये की राशि विदेश भेजने के संदिग्ध मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एचडीएफसी बैंक के एक कर्मचारी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

ईडी ने आज यहां अपने कार्यालय में लंबी गहन पूछताछ के बाद एचडीएफसी बैंक की विदेशी विनिमय शाखा में कार्यरत कमल कालरा, चंदन भाटिया, गुरचरण सिंह धवन और संजय अग्रवाल को गिरफ्तार किया. इसे व्यापार आधारित मनी लांड्रिंग का मामला बताया गया है जिसमें आरोपियों ने अवैध कमाई के लिए सीमा शुल्क और करों की चोरी की. इस बारे में एचडीएफसी बैंक को भेजे गए ई-मेल का जवाब नहीं मिला. प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने कहा कि ये सभी कम से कम 15 फर्जी कंपनियों के लिए बिचौलिये का काम करते थे। यह मामला हाल में प्रकाश में आया.

इसमें कुल मिलाकर 59 कंपनियां शामिल लगती है. इसकी जांच सीबीआई कर रही है. सूत्रों ने बताया कि चारों व्यक्तियों ने आपस में कथित रुप से सांठगाठ कर हांगकांग में फर्जी कंपनियां और व्यावसायिक इकाइयां बनाईं. उन्होंने निर्यात का मूल्य बढाकर दिखाया और बाद में ड्यूटी ड्राबैक के लिए दावा किया. मनी लांड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन निदेशालय की जांच में दावा किया गया है कि एचडीएफसी के कर्मचारी ने कथित तौर पर भाटिया और अग्रवाल को बॉब के जरिये धन भेजने में मदद की. उसे विदेश भेजे गए प्रत्येक डालर पर 30 से 50 पैसे का कमीशन दिया गया

भाटिया ने कथित रूप से भारत में कंपनियों के गठन में भूमिका निभाई और वह हांगकांग में कंपनियों को धन भेजता था. वह रेडिमेड गारमेंट्स के निर्यातक धवन के साथ मिला हुआ था. ईडी सूत्रों ने आरोप लगाया कि अग्रवाल ने कथित रूप से बॉब की अशोक विहार शाखा के जरिये छोटे से समय में विदेशों में 430 करोड रूपये की राशि भेजी. सूत्रों ने बताया कि अभी इस मामले में और बिचौलियों और बॉब के कर्मचारियों सहित अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है. एजेंसी विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून (फेमा) के तहत भी मामले की जांच कर रही है.

बॉब ने कल कहा था कि इन 59 खातों में कुल 5,151 करोड रुपये की राशि जमा कराई गई। इसमें से कुल मिला कर सिर्फ 6.66 प्रतिशत या 343 करोड रुपये की राशि बैंक में नकद जमा हुई. शेष 4,808 करोड रपये की राशि अन्य बैंकिंग चैनलों के जरिये आई. एजेंसी ने कहा कि धवन ने कथित रूप से 6-7 महीने की छोटी सी अवधि में ड्यूटी ड्राबैक के रूप में 15 करोड रुपये हासिल करने में सफलता प्राप्त की. वह पकडे जाने से पहले इसी तरह के और आवेदन करने की प्रक्रिया में था. प्रवर्तन निदेशालय अब शेष 44 संदिग्ध कंपनियों की जांच कर रहा है. इन कंपनियों ने भी इसी तरीके से विदेशी गंतव्यों को धन भेजा है. ईडी ने पिछले सप्ताह बॉब के कार्यकारी पर छापे मार कर कई दस्तावेज जब्त किए

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