मार्केट को अलविदा कहने जा रहे 2000 के नोट की ये थी खासियत, जल्दी ही नजर नहीं आयेगा ये मेजेंटा नोट

अब जबकि 2000 रुपये का नोट चलन से बाहर होने वाला है तो हम एकबार पीछे चलते हैं और यह जानने और समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर 2000 रुपये का नोट क्यों जारी हुआ था और इसकी खासियत क्या थी.
8 नवंबर साल 2016 में जब सरकार ने 500 और 1000 रुपये के नोट को बंद करने की घोषणा की थी उसी वक्त 2000 हजार रुपये का नोट जारी किया गया था, जो अब चलन से बाहर होने वाला है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार रात को यह घोषणा कर दी की कि 2000 रुपये का नोट 30 सितंबर के बाद चलन में नहीं रहेगा. इस घोषणा के बाद से 2000 रुपये का नोट चर्चा में है और यह ट्रेडिंग टाॅपिक बना हुआ है.
अब जबकि 2000 रुपये का नोट चलन से बाहर होने वाला है तो हम एकबार पीछे चलते हैं और यह जानने और समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर 2000 रुपये का नोट क्यों जारी हुआ था और इसकी खासियत क्या थी.
1. 2000 का नोट देश की अर्थव्यवस्था की मुद्रा आवश्यकता को पूरा करने के लिए जारी किया गया था.
2. आरबीआई ने स्वच्छ नोट नीति के तहत इस नोट को बंद किया है.
3. इस नोट में 17 तरह की खूबी थी. यह नोट मेजेंटा कलर का था.
4. नोट के अगले हिस्से पर महात्मा गांधी की तस्वीर अंकित थी जबकि पिछले हिस्से पर मंगलयान का चित्र बना था.
5. नोट के अगले हिस्से पर बायीं ओर तीन जगह पर 2000 अंकित था. अगर नोट को लाइट में ले जायें तो पहली जगह पर लिखा हुआ 2000 स्पष्ट दिखता था जो बिना लाइट के दिखाई नहीं पड़ता था. वहीं दूसरी जगह पर 2000 लिखा तब दिखता था जब नोट को आंख से 45 डिग्री की दूरी पर रखा जाये. तीसरे स्थान जो नोट पर साफ नजर आता था वह है देवनागरी लिपि में लिखा हुआ 2000.
6. नोट के सामने हिस्से में बीचों बीच महात्मा गांधी की तस्वीर अंकित थी.
7. नोट के बीच में माइक्रो साइज में भारत और इंडिया लिखा हुआ था.
8. नोट पर भारत सरकार द्वारा प्रत्याभूत हिंदी और अंग्रेजी में एवं आरबीआई अंकित था.
9. दाहिनी तरफ भी महात्मा गांधी की तस्वीर अंकित थी और 2000 का वाटर मार्क था.
10. दाहिनी ओर अशोक स्तंभ अंकित था.
11. नेत्रहीनों के लिए नोट के बायें और दाहिने तरफ सात लाइन बनी थी, जो उभरी हुई थीं.
12. नोट के पिछले हिस्से में चार खास बातें अंकित हैं. नोट के प्रिंट होने का वर्ष, स्वच्छ भारत अभियान का लोगो और स्लोगन, दो हजार कई भाषाओं में और मंगलयान का चित्र.
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लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.
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