Vedanta Share Price: शेयर मार्केट में बुधवार का दिन वेदांता लिमिटेड के नाम रहा है. कंपनी के शेयरों ने इंट्राडे ट्रेड में 6% से ज्यादा की छलांग लगाकर 679.45 रुपये का एक नया रिकॉर्ड बना दिया है. जहां मार्केट में बाकी स्टॉक्स सुस्त नजर आ रहे थे, वहीं वेदांता ने अपनी रफ्तार से सबको हैरान कर दिया है. इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह ब्रोकरेज फर्म नुवामा की एक रिपोर्ट रही है, जिसमें उन्होंने वेदांता के टारगेट प्राइस को 686 रुपये से बढ़ाकर सीधा 806 रुपये कर दिया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी की कमाई की रफ्तार और कैश फ्लो आने वाले समय में काफी दमदार रहने वाला है, इसीलिए इन्वेस्टर्स इस पर जमकर पैसा लगा रहे हैं.
आखिर अचानक क्यों बढ़ गए वेदांता के दाम?
वेदांता की इस तेजी का सबसे बड़ा ट्रिगर ‘पॉजिटिव ब्रोकरेज कमेंट्री’ रही है. जब बड़े एनालिस्ट किसी स्टॉक पर भरोसा जताते हैं, तो मार्केट में उसकी डिमांड बढ़ जाती है. नुवामा की बुलिश रिपोर्ट के बाद सुबह से ही इस शेयर में भारी खरीदारी देखने को मिली है. इसके अलावा, वेदांता का बिजनेस मॉडल काफी फैला हुआ है. यह कंपनी सिर्फ एक चीज पर निर्भर नहीं है; इनका हाथ जिंक, एल्युमिनियम, ऑयल और गैस से लेकर आयरन ओर तक फैला है. जब भी ग्लोबल मार्केट में इन मेटल्स की कीमतें बढ़ती हैं, वेदांता को सीधा फायदा होता है. फिलहाल दुनिया भर में बेस मेटल्स की डिमांड मजबूत है, जिसका असर शेयर के भाव पर दिख रहा है.
क्या डिमर्जर से निवेशकों की चांदी होने वाली है?
मार्केट में आजकल वेदांता के ‘डिमर्जर’ यानी बिजनेस के बंटवारे को लेकर काफी चर्चा है. कंपनी अपने अलग-अलग बिजनेस को अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बांटने की योजना बना रही है. यंग जेनरेशन के इन्वेस्टर्स के लिए यह एक बड़ा मौका हो सकता है क्योंकि बंटवारे के बाद हर बिजनेस की अपनी एक अलग पहचान और वैल्यू होगी. एक्सपर्ट्स इसे ‘वैल्यू अनलॉकिंग’ कह रहे हैं, जिसका मतलब है कि बिजनेस के अलग होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और इन्वेस्टर्स को हर सेक्टर का सीधा फायदा मिल सकेगा. जब भी इस प्रोसेस को लेकर कोई खबर आती है, स्टॉक में तगड़ा उछाल देखने को मिलता है.
आगे के लिए क्या है मार्केट एक्सपर्ट्स की राय?
भले ही आज वेदांता का स्टॉक रॉकेट बना हुआ है, लेकिन एक्सपर्ट्स थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह भी दे रहे हैं. मेटल और माइनिंग सेक्टर से जुड़े स्टॉक्स पूरी तरह से ग्लोबल मार्केट की उठापटक और डॉलर की कीमत पर निर्भर करते हैं. निवेशकों को अब कंपनी के आने वाले तिमाही नतीजों (Quarterly Results) और डिमर्जर से जुड़ी नई अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए. अगर कंपनी अपना कर्ज सही से मैनेज करती रही और मेटल की कीमतें इसी तरह स्थिर रहीं, तो 806 रुपये का लेवल छूना इसके लिए मुश्किल नहीं होगा. फिलहाल, वेदांता अपनी शानदार डिविडेंड हिस्ट्री और ग्रोथ की वजह से सबकी पसंद बना हुआ है.
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