ePaper

शेयर बाजार : ढाई माह में सबसे बड़ी गिरावट, सेंसेक्‍स 431 अंक लुढका

Updated at : 23 Sep 2014 2:49 PM (IST)
विज्ञापन
शेयर बाजार : ढाई माह में सबसे बड़ी गिरावट, सेंसेक्‍स 431 अंक लुढका

मुंबई : वैश्विक स्‍तर पर आर्थिक वृद्धि से निवेशकों के मन में उभरी चिंताओं के कारण घरेलू बाजारों में मंगलवार को भारी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स आज 431 अंक तथा निफ्टी 129 अंक लुढक गया. शेयर सूचकांकों में पिछले ढाई माह में किसी एक कारोबारी सत्र में यह सबसे बडी गिरावट है. कारोबारियों का […]

विज्ञापन

मुंबई : वैश्विक स्‍तर पर आर्थिक वृद्धि से निवेशकों के मन में उभरी चिंताओं के कारण घरेलू बाजारों में मंगलवार को भारी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स आज 431 अंक तथा निफ्टी 129 अंक लुढक गया. शेयर सूचकांकों में पिछले ढाई माह में किसी एक कारोबारी सत्र में यह सबसे बडी गिरावट है. कारोबारियों का कहना है कि सितंबर डेरिवेटिव्ज अनुबंध गुरुवार को समाप्त हो रहे हैं. उससे पहले मुनाफा वसूली की बिकवाली ने भी घरेलू धारणा को प्रभावित किया.

बीएसइ में सूचीबद्ध 2100 से अधिक शेयरों में आज गिरावट आयी जिससे बाजार पूंजीकरण के लिहाज से निवेशकों को 1.63 लाख करोड रुपये का नुकसान हुआ. बीएसइ का तीस शेयर आधारित सेंसेक्स कारोबार शुरु होने के पांच मिनट में ही 27,256.87 की उंचाई को छू गया लेकिन बाद में बिकवाली दबाव के चलते यह गिरने लगा और प्रमुख शेयरों में गिरावट के चलते 27,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया.

सेंसेक्स अंतत: 431.05 अंक या 1.58 प्रतिशत टूटकर 26,775.69 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स इससे पहले 8 जुलाई को 517.97 अंक टूटा था. इसी तरह नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी बिकवाली दबाव के चलते 8,100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ. निफ्टी 128.75 अंक टूटकर 8,017.55 अंक पर बंद हुआ. निफ्टी भी इससे पहले 8 जुलाई को 164 अंक टूटा था. बिकवाली दबाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सभी 12 क्षेत्रवार सूचकाक 0.38 प्रतिशत से लेकर 4.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए.

सबसे अधिक गिरावट रीयल्टी, तेल एवं गैस, पूंजीगत सामान, धातु व दवा खंड के शेयरों में दर्ज की गयी. कोटक सिक्युरिटीज के उपाध्यक्ष संजीव जरबडे ने कहा, ‘वैश्विक बाजारों से नकारात्मक संकेतों के बीच मुनाफा बिकवाली से बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गयी.’ यूरो क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों से जुडे आंकडों के बाद बिकवाली दबाव बढ गया.’ बिकवाली दबाव के कारण सिप्ला, टाटा मोटर्स, हिंडाल्को, टाटा स्टील व टाटा पावर के साथ साथ टीसीएस, सन फार्मा, एसबीआइ, आरआइएल, ओएनजीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, इन्फोसिस, आइसीआइसीआइ बैंक तथा कोल इंडिया का शेयर गिरावट के साथ बंद हुआ. वहीं हिंदुस्तान यूनीलीवर, आइटीसी, मारुति सुजुकी व एनटीपीसी का शेयर लाभ में बंद हुआ.

बिकवाली दबाव के कारण रीयल्टी कंपनियों के शेयर 11 फीसदी टूटे

रीयल एस्टेट कंपनियों के शेयर आज भारी बिकवाली दबाव में रहे और इनमें 11 प्रतिशत तक की गिरावट आयी. दिल्ली सरकार द्वारा सर्किल दरों में 20 फीसद की बढोतरी के मद्देनजर रीयल्टी कंपनियों पर प्रभाव पडेगा. किसी संपत्ति के पंजीकरण के लिए न्यूनतम मूल्यांकन को सर्किल दर कहा जाता है. बंबई शेयर बाजार में यूनिटेक का शेयर 10.77 प्रतिशत टूट गया. डीएलएफ में 6.51 प्रतिशत की गिरावट आयी. अन्य कंपनियों में अनंत राज का शेयर 6.77 प्रतिशत, डीबी रीयल्टी 5 प्रतिशत, गोदरेज प्रापर्टीज 4.06 प्रतिशत व एचडीआइएल 3.18 प्रतिशत नीचे आया. बीएसइ का रीयल्टी सूचकांक 4.91 प्रतिशत के नुकसान से 1,673.48 पर आ गया.

निवेशकों की पूंजी 1,65,000 करोड रुपये घटी

बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स में आज 431.05 अंक की जोरदार गिरावट से निवेशकों की पूंजी 1.65 लाख करोड रुपये घट गयी. सेंसेक्स में यह पिछले ढाई महीने की सबसे बडी गिरावट है. इससे बंबई शेयर बाजार की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1.65 लाख करोड रुपये घटकर 94.43 लाख करोड रुपये रह गया. सेंसेक्स आज 431.05 अंक या 1.58 प्रतिशत के नुकसान से 26,775.69 अंक पर आ गया. सिप्ला, टाटा मोटर्स, हिंडाल्को व टाटा स्टील सहित सेंसेक्स की 26 कंपनियों के शेयरों में गिरावट आयी. बीएसइ के सभी 12 वर्गों के सूचकांक नुकसान में रहे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola