ePaper

Petrol-Diesel की कीमतों को बाजार के हवाले ही रहने देना चाहती सरकार

Updated at : 08 Oct 2018 5:05 PM (IST)
विज्ञापन
Petrol-Diesel की कीमतों को बाजार के हवाले ही रहने देना चाहती सरकार

नयी दिल्ली : पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा कि भले ही सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को पेट्रोल और डीजल पर एक रुपये की सब्सिडी देने को कहा है. उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रालियम पदार्थों में पेट्रोल-डीजल की कीमत को अपने नियंत्रण से मुक्त रखने के निर्णय से पीछे हटने […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा कि भले ही सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को पेट्रोल और डीजल पर एक रुपये की सब्सिडी देने को कहा है. उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रालियम पदार्थों में पेट्रोल-डीजल की कीमत को अपने नियंत्रण से मुक्त रखने के निर्णय से पीछे हटने का सवाल ही उठता.

इसे भी पढ़ें : पेट्रोल-डीजल की कीमत में मामूली राहत से चुनावी वैतरणी पार करने की सस्ती मंशा

यहां दी एनर्जी फोरम के ऊर्जा क्षेत्र विषयक सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के भाव के चार साल के उच्चतम स्तर 85 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचना एक चुनौती है. इसके कारण ईंधन के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. उत्पाद शुल्क में कटौती तथा ईंधन पर सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी के बावजूद दाम बढ़ रहे हैं.

प्रधान ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के पेट्रोलियम मंत्री खालिद-ए-अल फलीह से बात की थी और उन्हें जून में जतायी गयी प्रतिबद्धता की याद दिलायी. जून में उन्होंने कहा था कि ओपेक ईंधन के दाम में नरमी के लिए तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए 10 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन बढ़ायेगा. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि ओपेक जून में किये गये फैसले का अनुकरण नहीं कर रहा.

एक तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के ऊंचे दाम तथा रुपये की विनिमय दर में गिरावट से आयात महंगा हुआ है. इस कारण घरेलू बाजार में ईंधन के दाम बढ़ रहे हैं. सोमवार को पेट्रोल की कीमत में 21 पैसे प्रति लीटर जबकि डीजल के दाम 28 पैसे प्रति लीटर बढ़े. इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 82.03 रुपये लीटर तथा डीजल 73.82 रुपये लीटर पर पहुंच गया है.

प्रधान ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के उत्पाद शुल्क में 1.50-1.50 रुपये लीटर की कटौती की गयी, जबकि सरकारी कंपनियों से ग्राहकों को राहत देने के लिए मूल्य में एक रुपये लीटर की कटौती करने को कहा गया. बाद में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार ग्राहकों के प्रति संवेदनशील है और उनके हित में निर्णय किये हैं. प्रधान ने कहा कि मूल्य नियंत्रण मुक्त व्यवस्था से पीछे नहीं हटना है.

वर्तमान व्यवस्था के तहत पेट्रोलियम ईंधन के भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रचलित मानक दर तथा रुपये की विनिमय दर में घट बढ़ के आधार पर रोज तय किये जाते हैं. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा कि तेल कंपनियों को दैनिक आधार पर दरों में बदलाव की आजादी है और एक रुपये प्रति लीटर सब्सिडी अस्थायी कदम है. उन्होंने कहा कि इस निर्णय से चालू वित्त वर्ष में तेल कंपनियों के लाभ में 4,000 करोड़ रुपये से 4,500 करोड़ रुपये का नुकसान होगा.

प्रधान ने कहा कि केंद्र ने अपनी ओर से पहल की है और अब राज्यों को आगे आना चाहिए तथा बिक्री कर या वैट में कमी लानी चाहिए. उन्होंने कहा कि वह मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहते, लेकिन राज्यों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और मूल्य वर्द्धित (वैट) में कटौती करनी चाहिए.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola