आईपीपीबी ग्रामीणों के लिए वरदान: ‘चलता-फिरता’ बैंक शुरू, घर तक पहुंचेंगी सेवाएं

नयी दिल्ली : इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी)की शनिवार को विधिवत शुरुआत हो गयी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का उद्घाटन किया. इसी के साथ आईपीपीबी की 650 शाखाओं व 3250 संपर्क केंद्रों ने काम करना शुरू कर दिया है. पोस्ट पेमेंट बैंक के जरिये डाकिये घर […]
नयी दिल्ली : इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी)की शनिवार को विधिवत शुरुआत हो गयी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का उद्घाटन किया. इसी के साथ आईपीपीबी की 650 शाखाओं व 3250 संपर्क केंद्रों ने काम करना शुरू कर दिया है. पोस्ट पेमेंट बैंक के जरिये डाकिये घर तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने का काम करेंगे. इसके लिए सभी डाक सेवकों को पीओएस मशीन दी गयी है. इसलिए इसे चलता-फिरता बैंक भी कहा जा रहा है. इसमें ग्राहकों को तीन तरह के सेविंग अकाउंट जीरो बैलेंस पर खोलने की सुविधा मिलेगी.
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारी चिट्ठियां लाने वाला डाकिया अब चलता-फिरता बैंक बन गया है. जीएसटी, जनधन, आधार जैसे सुधारों के क्रम में अब आईपीपीबी भी जुड़ गया है. संचार मंत्री मनोज सिन्हा के मुताबिक लोग इस बैंक में अपना खाता आधार कार्ड की मदद से महज एक मिनट में खोल सकते हैं और क्विक रेस्पांस कोड (क्यूआर कोड) की मदद से लेन-देन किया जा सकता है, जो बैंक की तरफ से मुहैया कराया जायेगा.
खाता धारकों को अब अपना खाता नंबर और पासवर्ड भी याद रखने की जरूरत नहीं है. सबसे बड़ी बात है कि इसके जरिये गांवों में बैंकिंग सुविधा सीधे घर तक पहुंच सकेगी. देशभर में इसके एटीएम और माइक्रो एटीएम भी काम करेंगी. साथ ही यह मोबाइल बैंकिंग एप, एसएमएस और आइवीआर जैसी सुविधाओं के जरिये बैंकिंग सेवाएं लोगों तक पहुंचेंगी. इस पेमेंट बैंक में केंद्र सरकार की सौ प्रतिशत हिस्सेदारी है. इससे डाक विभाग के व्यापक नेटवर्क और तीन लाख से अधिक डाकियों और ग्रामीण डाक सेवकों का लाभ मिलेगा. देश के 1.55 लाख डाकघरों को 31 दिसंबर 2018 तक आइपीपीबी प्रणाली से जोड़ लिया जायेगा. सूत्रों के मुताबकि आइपीपीबी को जितना भी लाभ होगा, उसका 25 प्रतिशत ग्रामीण डाक सेवकों को कमीशन के रूप में मिलेगा.
सुविधा : दरवाजे पर बिल पेमेंट से इंश्योरेंस तक
आइपीपीबी के जरिये अकाउंट ओपनिंग, कैश डिपॉजिट, विदड्रॉल, मनी ट्रांसफर, रीचार्ज, बिल पेमेंट (मोबाइल, डीटीएच, बिजली-पानी), थर्ड पार्टी इंश्योरेंस, लोन, म्यूचुअल फंड आदि सुविधाओं का लाभ मिलेगा. वहीं, सरकार मानदेय, सब्सिडी, पेंशन आदि बांटने में भी इसका सहयोग लेगी.
सेवा : गांव में बैठ कर लें ई-कॉमर्स का लाभ
सरकार की योजना डाकिया के जरिये छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में ई-कॉमर्स की डिलिवरी करनी भी है. इसके लिए पोस्टल डिपार्टमेंट ने अमेजन के साथ करार किया है. मतलब यह कि ई-कॉमर्स वेबसाइट्स से आप समान खरीदेंगे और डाकिया घर तक उस सामान को पहुंचायेगा.
नेटवर्क : डाकियों का विशाल नेटवर्क
देश में अभी 40 हजार डाकिया व 2.60 लाख ग्रामीण डाक सेवक हैं, जो इससे जुड़ेंगे. इन सभी डाक सेवकों को स्मार्टफोन और हाथ में रखी जा सकने वाली मशीनें मिलेंगी, जिसके जरिये वे क्यूआर कार्ड स्कैन करेंगे और बायोमैट्रिक अथेंटिकेशन के जरिये ट्रांजेक्शन कर सकेंगे.
आईपीपीबी : ग्रामीणों के लिए वरदान खाता नंबर और पासवर्ड की जरूरत नहीं
तीन तरह के सेविंग अकाउंट -रेगुलर, डिजिटल और बेसिक सेविंग खोलने की सुविधा. जीरो बैलेंस पर खाता खोले सकेंगे. सालाना ब्याज दर चार प्रतिशत.
आम व्यक्ति व छोटे कारोबारी खाता खोल सकते हैं. डाक सेवकों के जरिये भी खाता खोला जा सकता है. इस खाते में अधिकतम एक लाख जमा कर सकेंगे.
650 शाखाओं और 3250 डाकघरों के सेवा केंद्रों में एक साथ आईपीपीबी की शुरुआत. साल के अंत तक देश के 1.55 लाख डाकघरों में यह सेवा.
देश का पहला बैंक, जो बृहत पैमाने पर डोर स्टेप बैंकिंग की सुविधा देगा. करीब तीन लाख डाक सेवक पीओएस मशीनों के जरिये ये सुविधाएं पहुंचायेंगे.
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