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चीन के बाद अब भारत पर आंख तरेर सकता है अमेरिका, 42 साल पुरानी इस नीति की करेगा समीक्षा...

Updated at : 14 Apr 2018 10:45 AM (IST)
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चीन के बाद अब भारत पर आंख तरेर सकता है अमेरिका, 42 साल पुरानी इस नीति की करेगा समीक्षा...

वाशिंगटन : व्यापारिक क्षेत्र में चीन के साथ शह आैर मात के साथ ट्रेड वार छेड़ने वाला अमेरिका अब भारत पर भी आंख तरेरने की तैयारी में जुट गया है. अमेरिका ने उसके बाजारों में कुछ भारतीय उत्पादों की शुल्क मुक्त पहुंच की भारत की पात्रता की समीक्षा का फैसला किया है. अमेरिका की एक […]

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वाशिंगटन : व्यापारिक क्षेत्र में चीन के साथ शह आैर मात के साथ ट्रेड वार छेड़ने वाला अमेरिका अब भारत पर भी आंख तरेरने की तैयारी में जुट गया है. अमेरिका ने उसके बाजारों में कुछ भारतीय उत्पादों की शुल्क मुक्त पहुंच की भारत की पात्रता की समीक्षा का फैसला किया है. अमेरिका की एक कर लाभ योजना के तहत भारत को यह सुविधा प्राप्त है. अमेरिका की सामान्य तरजीह प्रणाली (जीएसपी) के तहत रसायन और इंजीनियरिंग सहित करीब 3,500 भारतीय उत्पादों को बिना शुल्क के अमेरिकी बाजार में पहुंच का लाभ मिलता है. अमेरिका की यह योजना 1976 में शुरू हुई थी.

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अमेरिकी प्रशासन द्वारा इस उत्पादों की शुल्क मुक्त पहुंच की इस प्रणाली की समीक्षा किये जाने से भारत के 3,500 उत्पादों का निर्यात प्रभावित हो सकता है. इन उत्पादों पर शुल्क मुक्त लाभ समाप्त होने से इनका निर्यात प्रतिस्पर्धी नहीं रह जायेगा. अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि ( यूएसटीआर ) के मुताबिक, जीएसपी एक प्रकार का व्यापार वरीयता कार्यक्रम है, जिसका मकसद निर्धारित लाभार्थी देशों से हजारों उत्पादों को अमेरिका में शुल्क मुक्त प्रवेश देकर आर्थिक विकास को बढ़ावा देना था.

अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह शुल्क मुक्त निर्यात की सामान्य तरजीही प्रणाली के तहत भारत, इंडोनेशिया और कजाखस्तान की पात्रता की समीक्षा कर रहा है. उसके मुताबिक, यह समीक्षा संबंधित देश की कार्यक्रम की अनुपालन शर्तेों को लेकर बढ़ी चिंता पर आधारित है. यह समीक्षा ट्रंप प्रशासन की जीएसपी के तहत देश की पात्रता आकलन की नयी प्रक्रिया के आधार पर होगी.

व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि भारत के मामले में सामान्य तरजीही प्रणाली देश पात्रता की समीक्षा उसके जीएसपी बाजार पहुंच मानदंड के साथ अनुपालन संबंधी चिंताओं के आधार पर की जा रही है. अमेरिकी कांग्रेस ने पिछले महीने ही जीएसपी को 2020 तक नया बनाने के लिये मत दिया था.

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