पढ़ें, GST की खास बातें
Updated at : 01 Jul 2017 8:13 AM (IST)
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एक देश-एक कर के लक्ष्य वाला जीएसटी आज संसद के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यरात्रि में घंटा बजाये जाने के साथ लागू हो गया तथा प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण कर सुधार की तुलना आजादी से करते हुए कहा कि यह देश के आथर्कि एकीकरण में महत्वपूर्ण उपलब्धि है. […]
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एक देश-एक कर के लक्ष्य वाला जीएसटी आज संसद के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यरात्रि में घंटा बजाये जाने के साथ लागू हो गया तथा प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण कर सुधार की तुलना आजादी से करते हुए कहा कि यह देश के आथर्कि एकीकरण में महत्वपूर्ण उपलब्धि है.
खास बातें
1. ग्राहक को जो सामान पहले रुपये 186.44 में मिल रहा था, वह अब ग्राहक को रुपये 165.20 में मिलेगा. यानी ग्राहक को रुपये 21.24 का फायदा हुआ.
2. जीएसटी के पहले एक्साइज ड्यूटी वैट से एडजस्ट नहीं होती थी, तो टैक्स के ऊपर टैक्स लगता था.
3. जीएसटी के बाद अब टैक्स के ऊपर टैक्स नहीं देना पड़ेगा.
4. इस उदाहरण में सरकार को जो नुकसान दिखाया गया है, इसके बारे में सरकार का मानना है कि जीएसटी लागू होने के बाद ओवरऑल मार्केट बढ़ेगा. जीएसटी लागू होने से समनांतर कैश इकोनोमी पर रोक लगेगी, क्योंकि जीएसटी में सबकुछ ऑनलाइन है, साथ ही ऑडिट ट्रेल रहेगा. सारा कुछ टैक्स के दायरे में आ जायेगा. इससे साल दो साल में सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी क्योंकि अब कच्चा पुरजा पर या बिना बिल के माल बेचना लगभग बंद हो जायेगा. जो ऐसा नहीं करेंगे, वे सरकार की नजर में आ जायेंगे.
5. गुड्स और सर्विसेज पहले अलग-अलग चीजें थीं. इन पर केंद्र और राज्य दोनों अलग-अलग टैक्स(एक्साइज ड्यूटी, ऑक्ट्रॉय आदि) लगाते थे. अब दोनों एक ही टैक्स लगागेंगे.
6. राजस्व प्राप्ति के दबाव की वजह से एक ही वस्तु को गुड्स और सर्विसेज दोनों मान लिया गया था. उस पर केंद्र और राज्य एक्साइज ड्यूटी, वैट और सर्विस टैक्स लगा देते थे. उदाहरण: सॉफ्टवेयर, रेस्टॉरैंट में खाना खाना.
7. हमने अपने उदाहरण में ये माना है कि जीएसटी लगने के बाद इनपुट क्रेडिट का फायदा ग्राहकों को मिलने लगेगा. जो लोग इनपुट क्रेडिट का फायदा नहीं पहुंचाएंगे, उन पर अंकुश लगाने के लिए जीएसटी कानून में एंटी प्रोफीटियरिंग रूल नोटिफाई कर दिया गया है. जांच के बाद दोषी पाये जाने पर उल्लंघन करनेवालों का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान भी है.
ध्यान दें.
1. हमने 18 प्रतिशत टैक्स रेट सांकेतिक रूप में लिया है ताकि पाठकों को जीएसटी का असली लाभ समझा सकें.
2. अपने उदाहरण को सरलता से समझाने के लिए हमने मैन्यूफैक्चरर, होलसेलर, रिटेलर और कस्टमर को एक ही राज्य का माना है.
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