मैच्योरिटी से पहले PPF से पैसा निकालना है? ये नियम जानना है जरूरी
Published by : Soumya Shahdeo Updated At : 21 May 2026 3:21 PM
PPF Withdrawal (Photo: AI)
PPF Withdrawal: PPF अकाउंट से पैसे निकालने के क्या हैं नियम? जानिए मैच्योरिटी से पहले और बाद में आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) और प्रीमैच्योर क्लोजर की पूरी सही प्रोसेस.
PPF Withdrawal: पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) भारत में लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए सबसे भरोसेमंद और पॉपुलर सरकारी स्कीम है. सालाना 7.1% का ब्याज और E-E-E (एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट) टैक्स स्टेटस इसे बेहद खास बनाता है. नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत इसमें हर साल ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है, साथ ही ब्याज और मैच्योरिटी की रकम भी पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है. वैसे तो यह स्कीम 15 साल के लिए होती है, लेकिन अगर आपको बीच में पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो इसके नियम क्या हैं? आइए आसान भाषा में इस बात को समझते हैं.
मैच्योरिटी से पहले पैसा कब और कितना निकाल सकते हैं?
अगर आपका PPF अकाउंट चल रहा है और आपको बीच में पैसों की जरूरत है, तो आप 7वें फाइनेंशियल ईयर (यानी 6 साल पूरे होने के बाद) से आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) कर सकते हैं. साल में केवल एक बार ही ऐसा करने की अनुमति होती है. यह पैसा आप मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की हायर एजुकेशन या NRI बनने की स्थिति में निकाल सकते हैं. आप कितना पैसा निकाल सकते हैं, इसकी एक लिमिट तय है. नीचे दिए गए दो आंकड़ों में से जो भी रकम कम होगी, आप उतना ही निकाल पाएंगे:
- पिछले फाइनेंशियल ईयर के आखिर में आपके अकाउंट में मौजूद बैलेंस का 50%.
- चालू वर्ष से ठीक 4 साल पहले वाले साल के आखिर में मौजूद बैलेंस का 50%.
पैसे निकालने के लिए आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस में अपनी पासबुक की कॉपी के साथ ‘Form C’ भरकर जमा करना होगा.
क्या अकाउंट को समय से पहले बंद किया जा सकता है?
हां, खाता खोलने के 5 साल बाद आप PPF अकाउंट को पूरी तरह बंद (Premature Closure) कर सकते हैं. लेकिन ऐसा सिर्फ तीन खास हालातों में ही हो सकता है: अकाउंट होल्डर या परिवार को कोई गंभीर बीमारी होने पर, बच्चों की हायर एजुकेशन के लिए, या रेजिडेंट स्टेटस बदलकर NRI होने पर. ध्यान रहे, समय से पहले अकाउंट बंद करने पर 1% की पेनल्टी लगती है. यानी अकाउंट खोलने के दिन से (या मौजूदा 5 साल के ब्लॉक पीरियड की शुरुआत से) मिलने वाले ब्याज में 1% की कटौती कर दी जाएगी. इसके लिए आपको ‘Form C’ और ‘Form SB-7B’ भरकर अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस में सबमिट करना होगा.
15 साल की मैच्योरिटी के बाद क्या नियम हैं?
15 साल पूरे होने पर आपका PPF अकाउंट मैच्योर हो जाता है. इस समय आप बिना किसी पेनल्टी या पाबंदी के अपना पूरा 100% पैसा निकाल सकते हैं. इसके लिए बस ‘Form C’ भरकर जमा करना होता है. अगर आप 15 साल बाद भी इस अकाउंट को जारी रखना चाहते हैं, तो आपके पास दो ऑप्शन होते हैं:
- नया निवेश जारी रखते हुए: ‘Form H’ भरकर आप अकाउंट को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं. इस दौरान आप उस ब्लॉक की शुरुआत में मौजूद कुल बैलेंस का अधिकतम 60% हिस्सा ही निकाल पाएंगे (साल में सिर्फ एक बार).
- बिना नया निवेश किए: अगर आप मैच्योरिटी के एक साल के भीतर ‘Form H’ जमा नहीं करते हैं, तो अकाउंट अपने आप बिना निवेश के आगे बढ़ जाता है. इसमें आप जब चाहें पूरा पैसा निकाल सकते हैं और बचे हुए बैलेंस पर आपको ब्याज मिलता रहेगा.
PPF से निकाला गया हर एक रुपया पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है और इसे ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) में घोषित करने की भी जरूरत नहीं होती. हालांकि, वेल्थ क्रिएशन का फायदा उठाने के लिए जरूरी है कि आप इसमें से पैसा तभी निकालें जब बेहद जरूरी हो.
ये भी पढ़ें: PF का पैसा अब सीधे UPI से निकलेगा, जानिए क्या है सरकार का नया प्लान
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










