लता मंगेशकर ने अपने गानों से बनाया था गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, इन पुरस्कारों से हुई थीं सम्मानित

Lata Mangeshkar Death: लता दीदी की मधुर स्वर और उनकी आवाज की वो कशिश का ही जादू था कि उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कर लिया गया था. जी हां, एक के बाद एक गानों की बदौलत भारत की स्वर कोकिला का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा गाने के लिए दर्ज कर लिया गया था.
Lata Mangeshkar Death: जिसकी आवाज ही उसकी पहचान थी वो अब हमारे बीच नहीं रहीं. लता मंगेशकर का निधन हो गया है. कई दशकों तक अपनी आवाज से पूरी दुनिया को मदहोश कर देने वाली स्वर कोकिला अब हमेशा के लिए मौन हो गई है. भारत रत्न, स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन ने हर किसी को झकझोर दिया है. बाकी रह गई तो सिर्फ याद और उनके लीजेंड लाइफ की झलक.
लता दीदी अब हमारे बीच नहीं हैं. लेकिन उनकी गायकी का जादू अब भी बरकरार है. मधुर स्वर और आवाज की वो कशिश का ही जादू था कि उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कर लिया गया था. जी हां, एक के बाद एक गानों की बदौलत भारत की स्वर कोकिला का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा गाने के लिए दर्ज कर लिया गया था.
सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाली सिंगर: अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एक समय तला मंगेशकर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा गाना गाने के लिए दर्ज कर लिया गया था. उस समय उन्होंने अलग अलग भाषाओं में करीब 25 हजार गाने गाए थे. उन्होंने 36 भाषाओं अपनी जादुई आवाज का जादू बिखेरा हैं.
रफी के साथ हुआ था तकरार: गिनीज बुक में दर्ज रिकार्ड कई सालों तक तला दीदी के नाम रहा. हालांकि, इस दौरान विख्यात गायक मोहम्मद रफी ने इसे चुनौती दी थी. इसके एवज में गिनीज बुक की ओर से मोहम्मद रफी के दावे को भी छापा जाने लगा. इसके बाद 1991 के करीब इन दोनों का नाम गिनीज बुक से हटा दिया गया.
इसके बाद इस रिकॉर्ड को तला मंगेशकर की छोटी बहन आशा भोंसले ने तोड़ा था. 2011 में आशा भोंसले का नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा गाने गाने वाले सिंगर के तौर पर रिकॉर्ड किया गया था. लेकिन जितना सम्मान और पसंद लता के आवाज को किया गया उतना शायद ही और किसी गायक को मिला हो.
तला मंगेशकर को मिले पुरस्कार: महान गायिका लता मंगेशकर को चार बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. फिल्म परिचय, कोरा कागज, लेकिन के लिए नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया. उन्हें भारत सरकार की ओर से पद्मभूषण, दादा साहब फाल्के सम्मान, पद्म विभूषण और देश का सबसे बड़ा सिविलियन अवार्ड भारत रत्न से सम्मानित किया गया.
Posted by: Pritish Sahay
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