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उड़ता पंजाब को लेकर फिर विवादों में पहलाज, जानें कब कब रहे हैं विवादों में

8 Jun, 2016 4:09 pm
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उड़ता पंजाब को लेकर फिर विवादों में पहलाज, जानें कब कब रहे हैं विवादों में

नयी दिल्ली : फिल्म उड़ता पंजाब ने राजनीति को नयी हवा दे दी है. पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कई पार्टियां फिल्म का विरोध कर रही हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस सरीखी पार्टियां फिल्म के पक्ष में हैं. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधीइस मामले में ट्वीट कर अपनी राय भी रख चुके हैं. […]

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नयी दिल्ली : फिल्म उड़ता पंजाब ने राजनीति को नयी हवा दे दी है. पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कई पार्टियां फिल्म का विरोध कर रही हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस सरीखी पार्टियां फिल्म के पक्ष में हैं. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधीइस मामले में ट्वीट कर अपनी राय भी रख चुके हैं. इस पूरे विवाद के केंद्र में एक बार सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी हैं. उन्होंने फिल्म के कई सीन पर आपत्ति जतायी और उन्हें फिल्म से हटाने को कहा.

विवाद और पहलाज साथ – साथ चलते हैं
पहलाज निहलानी का फिल्मों सेपुरानानाता रहा है. उन्होंने एक के बाद कई शानदार फिल्में बनायी है लेकिन उनकी सोच और नजरिये पर एक बार फिर सवाल उठने लगा है. जनवरी 2015 से उन्होंने जब से अध्यक्ष पद संभाला है तब से कई विवाद उनके साथ चल रहे हैं. पहलाज पर जेम्स बॉंड की फिल्म ‘स्पेक्टर’ से एक किसिंग सीन को आधा काट दिया गया.
पहलाज ने बिना फिल्म देखे ही यह निर्णय लिया था जिस पर खूब बवाल मचा था. इसके बाद पारिवारिक फिल्म प्रेम रतन धन पायो से भी उन्होंने कुछ शब्द और कुछ सीन हटा दिये थे इसे लेकर भी सवाल खड़े हुए तो उन्होंने जवाब दिया कि फिल्म को पूरी तरह से पारिवारिक बनाने के लिए यह जरूरी था. इसी फिल्म से जुड़ा एक और विवाद भी था जिसे लेकर पहलाज के साथ सरकार की भी खूब किरकिरी हुई पहलाज ने ‘मेरा देश है महान, मेरा देश है जवान फिल्म बनायी जिसे इस फिल्म के मध्यांतर में दिखाने का आदेश दिया था. इसे लेकर भी खूब बवाल मचा.
कौन हैं पहलाज निहलानी?
एक सफल निर्माता के रूप में पहलाज ने अपनी पहचान बनायी. पहलाज ने अपनी पहली फिल्म हथकड़ी 1982 में प्रोड्यूस की. उन्हें गोविंदा और चंकी पांडेय को दर्शकों के सामने लाने के लिए भी जाना जाता है. इन्होंने शोला और शबनम, आंखे जैसी फिल्मों को भी प्रोड्यूस किया है. 2008 में उन्होंने फिल्म हल्ला बोल में एक छोटी-सी भूमिका निभायी थी. उन्होंने 2012 में एक फिल्म भी निर्देशित की जिसका नाम अवतार था निहलानी को भाजपा समर्थक माना जाता है.
लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने यूट्यूब पर एक वीडियो डाला था जो नरेंद्र मोदी के समर्थन में था . इसके अलावा एक लघु फिल्म बनाकर भी उन्होंने सरकार के कामकाज को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की थी. पहलाज साफ शब्दों में कह चुके हैं कि फिल्म और टेलीविजन के माध्यम से अश्लीलता को बढ़ावा नहीं देना चाहिए. फिल्मों को लेकर एक कड़ी प्रकिया होनी चाहिए. ओमकारा और गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी फिल्मों पर उन्होंने कहा था कि ऐसी फिल्मों को रिलीज नहीं होने देना चाहिए. उन्होंने निर्माताओं को भी संदेश देते हुए कहा कि पीके जैसी विवादित फिल्म नहीं बनानी चाहिए. निहलानी ने एफटीआईआई में विरोध प्रदर्शन पर भी कहा था कि उन्हें इस पर विरोध नहीं करना चाहिए.
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