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Indian Railways: बिहार में जमीन नहीं मिलने से छह बड़ी रेल परियोजनाएं अटकीं, चार गुनी बढ़ी लागत, जानें डिटेल

Updated at : 02 Jul 2023 6:46 AM (IST)
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Indian Railways: बिहार में जमीन नहीं मिलने से छह बड़ी रेल परियोजनाएं अटकीं, चार गुनी बढ़ी लागत, जानें डिटेल

बिहार में करीब आधा दर्जन महत्वपूर्ण रेल लाइनों का निर्माण और विकास जमीन अधिग्रहण की पेच के कारण अधर में है. इसके कारण निर्माण की लागत करीब चार गुना तक बढ़ गयी है.

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बिहार में करीब आधा दर्जन महत्वपूर्ण रेल लाइनों का निर्माण और विकास जमीन अधिग्रहण की पेच के कारण अधर में है. पटना जिले में बाढ़-बख्तियारपुर थर्ड बड़ी नयी रेल लाइन (बख्तियारपुर फ्लाइ ओवर), बिहारशरीफ-बरबीघा नयी रेल लाइन, गया जिले में बंधुआ पैमार रेल लाइन, हाजीपुर-सुगौली रेल लाइन, छपरा-मुजफ्फरपुर नयी रेल लाइन और अररिया-गलगलिया नयी रेल लाइन परियोजना की गति धीमी है. निर्माण में देरी से लागत करीब चार गुना अधिक बढ़ गयी है. राज्य सरकार ने इन सभी रेल लाइनों के निर्माण के लिए जल्द जमीन संबंधी समस्याओं को दूर करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है. सूत्रों के अनुसार बिहारशरीफबरबीघा नयी रेल लाइन करीब 29 किमी लंबाई में बनना है. इसकी अनुमानित लागत करीब 1473 करोड़ रुपये है. इसके निर्माण की घोषणा 2003 में तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने की थी. इसमें शेखपुरा जिला में भूमि अर्जन की कार्रवाई की जा रही है. इसकी विस्तृत रिपोर्टजिला से मांगी गयी है

2004 में शुरू हाजीपुर-सुगौली रेल लाइन अधूर

हाजीपुर-सुगौली नई रेल लाइन का निर्माण करीब 171 किमी लंबाई में होना था. 2004 में इस परियोजना की अनुमानित लागत 528.65 करोड़ रुपये थी. निर्माण में देरी से लागत बढ़कर 2066.78 करोड़ रुपये हो गयी. इस परियोजना के लिए पूर्वी चंपारण जिला में दो चरणों में कुल 818.72 एकड़ भूमि का अर्जन किया जाना है. इसमें से 534.34 एकड़ भूमि का दखल कब्जा रेलवे को सौंप दिया गया है.

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15 साल से लटकी है छपरा-मुजफ्फरपुर नयी रेल लाइन

मुजफ्फरपुर से छपरा को जोड़ने वाले छपरा-मुजफ्फरपुर नयी रेल लाइन के लिए वर्ष 2007-08 के बजट में 400 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली थी, लेकिन 15 साल में यह कार्य पूर्ण नहीं हुआ. अब इसकी लागत करीब 26 सौ करोड़ रुपए हो गयी है. इसमें सारण और मुजफ्फरपुर जिला में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है. इस रेल लाइन का निर्माण फिलहाल प्राथमिकता में सबसे नीचे है.

बंधुआ से पैमार रेल लाइन का काम धीमा

गया जिले में बंधुआ से पैमार तक करीब 11 किमी लंबाई में रेल लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है. इस परियोजना में गया जिला में भूमि अर्जन हो चुका है. वर्ष 2019 में ही रेलवे को दखल कब्जा सौंप दिया गया है. परियोजना से संबंधित छूटे-खेसराओं के अर्जन के लिए गया जिले के भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है.

बाढ़-बख्तियारपुर के बीच बिछनी है थर्ड लाइन

बाढ़ से बख्तियारपुर के बीच तीसरे रेलवे ट्रैक का निर्माण करीब 18 किमी लंबाई में हो रहा है. इसका निर्माण होने से पैसेंजर गाड़ियों के परिचालन में सुविधा होगी. मालगाड़ी को आने-जाने के लिए अलग ट्रैक होगा. एनटीपीसी की कोयला आपूर्ति समेत सीमेंट और खाद्य सामग्री की आपूर्तिमें भी आसानी होगी. बाढ़-बख्तियारपुर थर्ड बड़ी नयी रेल लाइन (बख्तियारपुर फ्लाइ ओवर) – प्रस्तावित परियोजना हेतु पटना जिलान्तर्गत कुल 19.733 एकड भूमि के अर्जन में 32.33 करोड़ में से करीब 25 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है. अन्य कार्य जल्द करने का निर्देश दिया गया ह

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