ePaper

New Year Party 2023 में जाम छलकाने की तैयारी में बिहार के तस्कर, सीमा पार से शराब लाकर कर रहे स्टॉक

Updated at : 12 Dec 2022 7:27 PM (IST)
विज्ञापन
New Year Party 2023 में जाम छलकाने की तैयारी में बिहार के तस्कर, सीमा पार से शराब लाकर कर रहे स्टॉक

नये साल के जश्न की तैयारी में बिहार के भी शराब तस्कर लग गये हैं. वो नये साल में जाम छलकाने की तैयारी में जुट गये हैं. सीमावर्ती इलाकों में आसानी से बॉर्डर के उस पार से शराब मंगवाया जा रहा है. सीमांचल क्षेत्र में पुलिस प्रशासन के लिए ये माफिया एक चुनौती बने हुए हैं.

विज्ञापन

नव वर्ष के जश्न में शराब का जाम छलकाने की तैयारी तस्करों ने शुरू कर दी है.इसके लिए सीमांचल में तस्कर शराब की बड़ी-बड़ी खेप पश्चिम बंगाल के रास्ते प्रवेश करा रहे हैं. शराब की बड़ी खेप लाने के लिए रोज नए रास्तों का प्रयोग कर रहे हैं. किशनगंज में लाख सतर्कता के वावजूद शराब की खेप लगातार जमा किये जा रहे हैं.पुलिस एवं उत्पाद विभाग शराबियों को काफी संख्या में गिरफ्तार कर रही है,लेकिन शराब की बड़ी खेप को जब्त नहीं कर पा रही है. उत्पाद विभाग डाल-डाल तो तस्कर पात-पात की कहानी यहां चरितार्थ हो रही है. जबसे प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी हुई है. शराब तस्करों और माफियाओं की गठजोड़ से अवैध शराब का कारोबार लगातार जारी है. खास कर नए साल और होली में ये कारोबार पूरे परवान पर होता है.

दोगुने तिगुने दामों में शराब को बेचने की तैयारी

शराब तस्कर नए साल में जश्न के लिए शराब का स्टॉक कर रहे हैं. अवैध शराब कारोबारी जिले की खुली बंगाल सीमा होकर शराब की तस्करी कर ला रहे हैं.जहां से उसे ठिकाने पर पहुंचाने का काम जारी है.वे नए साल के लिए अलग से शराब की खेप मंगवा रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि नए साल में शराब को दोगुने और तिगुने दामों में बेचने की तैयारी चल रही है. इस कारण वे इसके लिए रिस्क लेने के लिए तैयार हैं. वे शराब की खेप को कई ठिकानों पर रख रहे हैं.ताकि एक जगह यदि पुलिस की दबिश हो तो दूसरे स्थानों की शराब बची रहे. ऐसे में नए साल के जश्न में जमकर जाम छलकाने की तैयारी है

नित नए रास्तों के उपयोग हो रहा है तस्करी में

सूबे में शराबबंदी के बाद शराब को लेकर विशेष चौकसी बरती जाती रही है. पुलिस और उत्पाद विभाग पूरी तरह से सतर्क है. किंतु शराब तस्कर भी लगातार रुट चेंज कर इस अवैध कारोबार से चांदी काटने में लगा है. मुहमांगी आमदनी से तस्करों का मनोबल बढ़ गया है और धड़ल्ले से शराब की तस्करी जारी है. तमाम प्रयासों के वावजूद यह कारोबार फल-फूल रहा है

Also Read: बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र कल से, विपक्ष के साथ अपनों के निशाने पर भी होगी सरकार
शराब की तस्करी के लिए रात के अंधेरे और सूनसान रास्तों का हो रहा है प्रयोग

जिला मुख्यालय सहित जिले के दो प्रखंड बंगाल के मुहाने पर है जहां चहलकदमी करते हुए सीमा के इस पार-उस-पार आना जाना बड़ा आसान है. रात के अंधेरे में इसका भरपूर लाभ तस्करों द्वारा उठाया जा रहा है.

कम टैक्स वाले राज्यों का शराब भी है उपलब्ध

बंगाल में बने शराब के अलावा नकली शराब और पूर्वोत्तर के विशेष राज्यों जैसे सिक्किम, मणिपुर, अरूणाचल प्रदेश में निर्मित शराब भी आजकल यहां उपलब्ध है.हर ब्रांड की शराब उपलब्ध है बस ऊंची कीमत अदा करनी पड़ती है लेकिन जाम पसंद लोगों के लिए कीमत कोई मायने नहीं रखती.

Posted By: Thakur Shaktilochan

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन