बिहार में कोरोना संकट के बीच भीषण गर्मी और जानलेवा लू का ट्रिपल अटैक, आपदा विभाग की एडवाइजरी, क्या करें, क्या ना करें?

Bihar Weather: बिहार में जारी कोरोना संकट के बीच इस वर्ष मार्च से ही गर्मी चरम पर है. अप्रैल के पहले हफ्ते से गर्म हवाएं लोगों को बीमार कर रही हैं. ऐसे में बढ़ी भीषण गर्मी और संभावित लू से निबटने की तैयारी सरकार के स्तर पर तेज कर दी गयी है.
Bihar Weather: बिहार में जारी कोरोना संकट के बीच इस वर्ष मार्च से ही गर्मी चरम पर है. अप्रैल के पहले हफ्ते से गर्म हवाएं लोगों को बीमार कर रही हैं. ऐसे में बढ़ी भीषण गर्मी और संभावित लू से निबटने की तैयारी सरकार के स्तर पर तेज कर दी गयी है.
आपदा प्रबंधन विभाग ने जिलों को निर्देश दिया है कि लू से निबटने को लेकर आवश्यक तैयारी कर लें. हाल के दिनों से राज्य में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है. मौसम विभाग ने भी लू की चेतावनी दी है. इसी के आलोक में आपदा प्रबंधन ने लू से निबटने को लेकर बनी सरकारी मानक प्रणाली पर काम करने को कहा है, ताकि लोग सतर्क रहें और लू से जान-माल की हानि नहीं हो.
ऊर्जा विभाग को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है बिजली के तार देख ले ताकि तेज हवा में उसे टूटने से जान माल का नुकसान रोका जा सके. अग्निशमन को अगलगी की घटनाओं से निबटने और उसके रोकथाम को लेकर बनी मानक संचालन प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है. इस संबंध में सभी डीएम को पत्र भेजा गया है जिलाधिकारियों को कहा गया है और लू से बचने के लिए क्या करें और क्या ना करें इस बाबत गांव स्तर तक जानकारी दें.
खासकर वैसे जिले जहां पिछले साल 3 दिनों में 150 से अधिक की मौत हो गयी थी. लू को लेकर राज्य में सबसे अधिक संवेदनशील गया, औरंगाबाद, अरवल, रोहतास, कैमूर, जहानाबाद, शेखपुरा, नालंदा, नवादा,भोजपुर, बक्सर, पटना जिला है. पिछले साल गया, औरंगाबाद और अरवल में ही तीन दिनों में 150 से अधिक की मौत लू के कारण हो गयी थी.
जिलों को कहा गया है कि मौसम विभाग के स्थानीय निकाय की ओर से लू की चेतावनी लेकर आम लोगों तक पहुंचाएं. इसके लिए टीवी, रेडियो, समाचार पत्रों के अलावा लोगों के मोबाइल पर एसएमएस भी भेजें. नगर विकास को प्याऊ की व्यवस्था करने को कहा गया है, तो स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों में लू से बचाव के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है. वहीं पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग को पशुओं के लिए गड्ढा खोद कर पानी की व्यवस्था करने को कहा गया है.
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– दिन का खाना नौ बजे सुबह के पहले व रात का खाना शाम 6 बजे के बाद बना लें.
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– हवन-अनुष्ठान सुबह नौ बजे से पूर्व कर लें.
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– खाना बनाकर चूल्हे की आग को पानी से अच्छी तरह बुझा दें.
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– खेत-खलिहान के आस-पास बीड़ी-सिगरेट न पीयें,न पीने दें.
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– खेतों मे फसल काटने के बाद बचे डंठल को नहीं जलाएं.
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– आग लगने पर फायर ब्रिगेड (101 नंबर) एवं प्रशासन को सूचित करें एवं सहयोग करें.
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Posted By: Utpal Kant
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By Prabhat Khabar News Desk
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