Bihar SIR: बिहार में SIR को लेकर SC की कड़ी टिप्पणी, कहा- गड़बड़ी हुई होगी तो पूरी प्रक्रिया कर देंगे रद्द

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 15 Sep 2025 7:57 PM

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Supreme Court on Delhi NCR Pollution

Bihar SIR: बिहार की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. इसमें आधार कार्ड को पहचान पत्र मानकर वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है. याचिकाकर्ताओं का दावा है कि इससे लोगों का नाम कट सकता है.

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Bihar SIR: बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई चल रही है. सोमवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा अपनाई गई कार्यप्रणाली में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो वह बिहार में मतदाता सूची के SIR की पूरी प्रक्रिया को रद्द कर देगा. इस प्रक्रिया में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए आधार कार्ड को पहचान पत्र के रूप में स्वीकार किया जा रहा है. इसी फैसले को चुनौती दी गई है. चुनौती देने वालों का कहना है कि इससे लाखों लोगों का नाम वोटर लिस्ट से कट सकता है और वे अपने मतदान के अधिकार से वंचित हो जाएंगे.

अपने बनाये नियमों की अनदेखी कर रहा चुनाव आयोग

सोमवार को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से वकीलों ने दलील दी कि चुनाव आयोग केवल कोर्ट के आदेश का पालन कर रहा है, लेकिन अपने ही बनाए नियमों और कानूनों की अनदेखी कर रहा है. वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि यदि 1 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची को बाद में कोर्ट खारिज कर देता है, तो चुनाव के समय गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है.

इसी दौरान वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने यह मुद्दा उठाया कि चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को केवल बिहार ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों में भी लागू कर रहा है. इसलिए यदि सुप्रीम कोर्ट इस प्रक्रिया को असंवैधानिक मानता है तो इसे पूरे देश में रोका जाना चाहिए.

वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि कानून के अनुसार नामांकन की आखिरी तारीख तक वोटर लिस्ट में नाम जोड़े जा सकते हैं, लेकिन इस प्रक्रिया से मतदाताओं को गैरकानूनी तरीके से उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है. इसी तरह वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी मामले की जल्द सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को पूरे देश में लागू करने की घोषणा कर चुका है.

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मामला केवल बिहार तक नहीं रहेगा

सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने चुनाव आयोग के वकील से पूछा कि मौजूदा स्थिति क्या है और क्या यह देखना बेहतर नहीं होगा कि वास्तव में कितने लोग वोटर लिस्ट से बाहर रह गए है. साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा, वह केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे देश में लागू होगा.

कोर्ट ने सभी पक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने तर्कों का संक्षिप्त लिखित नोट तैयार कर पेश करें. अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी. इसमें सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि आधार कार्ड को पहचान पत्र मानकर वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की यह प्रक्रिया संवैधानिक है या नहीं.

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Paritosh Shahi

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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