Rohini Acharya: रोहिणी आचार्य के 3 पोस्ट से जानिए लालू परिवार के अंदरूनी तूफान की पूरी कहानी, क्या-क्या हुआ
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 16 Nov 2025 3:02 PM
रोहिणी आचार्य
Rohini Acharya Controversy: बिहार चुनाव में राजद की हार के बाद रोहिणी आचार्य ने परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उन्हें अपमानित किया गया, गालियां दी गईं और चप्पल से मारने की कोशिश तक हुई.
Rohini Acharya Controversy: बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की हार के बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने भाई तेजस्वी यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. शनिवार को रोहिणी ने एक पोस्ट डालकर राजनीति से दूरी बनाने की घोषणा की थी. इसके बाद रविवार को किए गए एक और पोस्ट में उन्होंने खुलासा किया कि कभी-कभी बात इतनी बढ़ जाती थी कि उन्हें मारने के लिए चप्पल तक उठा ली जाती थी. रोहिणी ने यह भी लिखा कि परिवार में एक बेटी, बहन और मां के साथ बुरा बर्ताव किया गया.
शनिवार को पार्टी और परिवार से अलग होने की घोषणा की
सारण से राजद पार्टी से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी रोहिणी आचार्य ने शनिवार को एक पोस्ट के जरिये पार्टी और परिवार से नाता तोड़ने की घोषणा की. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं. संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था. मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं.”
रविवार को तेजस्वी पर लगाए गंभीर आरोप
रोहिणी ने रविवार को भी X पर पोस्ट कर बताया कि उनके साथ क्या-क्या हुआ. उन्होंने लिखा, “कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला , एक मां को जलील किया गया, गंदी गालियां दी गयीं, मारने के लिए चप्पल उठाया गया, मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया , सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी. कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां – बाप बहनों को छोड़ आयी , मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया. मुझे अनाथ बना दिया गया. आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें , किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी – बहन पैदा ना हो.”

रोहिणी बोलीं- मुझसे बड़ा गुनाह हो गया
रोहिणी ने दूसरे पोस्ट में लिखा, “कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी, करोड़ों रूपए लिए, टिकट लिया तब लगवाई गंदी किडनी. सभी बेटी – बहन, जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा – भाई हो, तो भूल कर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं, अपने भाई, उस घर के बेटे को ही बोले कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे “
उन्होंने इसी पोस्ट में आगे लिखा, “सभी बहन- बेटियां अपना घर- परिवार देखें, अपने माता- पिता की परवाह किए बिना अपने बच्चे, अपना काम, अपना ससुराल देखें, सिर्फ अपने बारे में सोचें. मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनो बच्चों को नहीं देखा, किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली. अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया जिसे आज गंदा बता दिया गया. आप सब मेरे जैसी गलती कभी ना करें. किसी घर रोहिणी जैसी बेटी ना हो.”
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सवाल करने वालों को चप्पल से मारा जायेगा- रोहिणी
शनिवार रात को पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए रोहिणी ने कहा था, “मेरा कोई परिवार नहीं है. इसके बारे में सभी सवाल संजय, रमीज और तेजस्वी यादव से पूछिए. उन लोगों ने मुझे परिवार से निकाला है. उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी है. पूरी दुनिया बोल रही है. जो चाणक्य बनेगा, तो उसी से सवाल होगा. आज के समय में कार्यकर्ता और पूरे लोग सवाल कर रहे हैं कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ? जब संजय और रमीज का नाम लीजिए, तो आपको घर से निकलवा दिया जाएगा, अशब्द बोला जाएगा और बदनाम किया जाएगा. आपके ऊपर चप्पल उठाकर मारा जाएगा.”
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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