दुलारचंद के पोते ने अनंत सिंह पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- दादा को गाड़ी से बाहर खींचकर मारी गोली
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 31 Oct 2025 9:16 PM
दुलारचंद यादव
Dularchand Murder Case: मोकामा विधानसभा क्षेत्र में जन सुराज और जदयू समर्थकों के बीच बढ़ते तनाव के बीच दुलारचंद यादव की हत्या ने हालात को और भड़का दिया है. हत्या को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए भदौर थाने में केस दर्ज कराया है.
Dularchand Murder Case: दुलारचंद यादव की हत्या को लेकर उनके पोते नीरज कुमार के बयान पर जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह, उनके भतीजे राजवीर सिंह, कर्मवीर सिंह और सहयोगी छोटन सिंह व कंजय सिंह के खिलाफ में केस दर्ज किया गया है.
नीरज ने पुलिस को क्या बताया
नीरज ने पुलिस को दिये गये अपने बयान में बताया कि उसके दादा जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी प्रियदर्शी पीयूष के प्रचार में गये थे. इसी दौरान रास्ते में उनके दादा दुलारचंद यादव के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज की. इसके बाद उन्हें गाड़ी से बाहर खींच लिया गया और अनंत सिंह ने पिस्तौल निकाल कर गोली चला दी, जो उनके बायें पैर में लगी. उनके दादा जमीन पर गिर गये और बाद में आरोपियों ने उनकी पिटाई करने के बाद जीप से दो-तीन बार कुचल दिया. आरोपियों ने जब देखा कि उनके दादा की मौत हो गयी है तो सभी भाग निकले. अस्पताल ले जाने के दौरान दादा की मौत हो गयी.
अनंत सिंह समर्थकों ने भी किया केस, प्रियदर्शी पीयूष सहित अन्य को बनाया आरोपी
दुलारचंद हत्याकांड के मामले में अनंत सिंह समर्थकों ने भी भदौर थाने में केस दर्ज कराया है. नालंदा जिले के हरनौत के पुवारी गांव निवासी जितेंद्र कुमार ने लिखित आवेदन बाढ़ थानाध्यक्ष को दिया. इसके बाद उनके आवेदन को भदौर थाना भेज दिया गया. बयान के आधार पर भदौर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है. जितेंद्र कुमार के अनुसार वे मोकामा विधानसभा क्षेत्र के जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी अनंत कुमार सिंह के प्रचार कार्य में भदौर के असताबाद खंधा के पास से गुजर रहे थे.
इसी दौरान पड़ोसी गांव तारतर के पास अनंत सिंह की गाड़ी आगे निकल गयी और वे लोग पीछे छूट गये. इसी दौरान जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी, चकदह निवासी लखन महतो, बाजो महतो, बलबा निवासी नितेश महतो, तरौना निवासी ईश्वर महतो, पोखरपुर निवासी अजय महतो आदि ने सुनियोजित तरीके से जान मारने की नीयत से हमला कर दिया और तोड़फोड़ शुरू कर दीं. उसे भी मार कर जख्मी कर दिया. वह अपने अन्य लोगों के साथ किसी तरह जान बचाकर भागे.
उमानाथ घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
दुलारचंद यादव का शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनाें को सौंप दिया गया. पोस्टमार्टम रूम के बाहर समर्थकों व पुलिस के बीच हल्की फुल्की नोंक-झोंक भी हुई. इसके बाद दुलारचंद के शव को पहले उनके घर पर लाया गया. इसके बाद फिर शव उमानाथ घाट पर लाया गया. जहां अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान जगह-जगह पर शव को रोक कर समर्थकों ने पुष्पांजलि अर्पित की.
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पोस्टमार्टम के लिए नहीं जाने दे रहे थे शव
दुलारचंद की हत्या के बाद लोगों में काफी आक्रोश था. लोग शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं जाने दे रहे थे. इसके बाद पुलिस ने समझाया तो परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए माने.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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