Jale Chaupal: वादों का हिसाब दो, जाले चौपाल में जनता ने नेताओं को घेरा, हुई गरमा-गरम बहस

जाले में मंच पर मौजूद प्रतिनिधि
Jale Chaupal Election Express: प्रभात खबर का इलेक्शन एक्सप्रेस जाले विधानसभा पहुंचा, जहां चौपाल में जनता ने नेताओं से सीधे सवाल किए. रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा की समस्याओं पर लोग खुलकर बोले. सत्ता पक्ष ने विकास कार्यों की गिनती कराई, तो विपक्ष ने सरकार की नाकामियां बताईं. चौपाल में जनता की आवाज जोरदार गूंजी.
Jale Chaupal Election Express: प्रभात खबर का इलेक्शन एक्सप्रेस शुक्रवार को जाले विधानसभा क्षेत्र पहुंचा. जाले प्रखंड के आनंदपुर चौक स्थित हेरिटेज पब्लिक स्कूल में चौपाल का आयोजन हुआ. इसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए. जनता ने नेताओं से सवाल किए और वादों पर जवाब मांगे. सत्ता पक्ष ने विकास कार्य गिनाए तो विपक्ष ने खुलकर सवाल किया.
जनता के तीखे सवाल
लोगों ने कहा कि चुनाव से पहले कई वादे किए गए थे, लेकिन उनका असर आज तक दिखाई नहीं देता. बेरोजगारी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं. जनता ने नेताओं से पूछा कि इतने सालों में हालात क्यों नहीं बदले.
सत्ता पक्ष का जवाब
भाजपा के विपिन पाठक ने कहा कि राजद शासनकाल में बिजली महीनों तक नहीं रहती थी, सड़कें टूटी-फूटी थीं और स्कूलों की हालत खराब थी. अब गांव-गांव सड़कें पहुंच चुकी हैं, पुल-पुलिया बने हैं और स्कूलों की स्थिति सुधरी है. गरीबों की पेंशन राशि बढ़ी है और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं. जदयू के अतहर इमाम बेग ने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने अल्पसंख्यकों और आम लोगों के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं. विकास इतना ज्यादा हुआ है कि गिनाने बैठें तो वक्त कम पड़ जाए.
विपक्ष का हमला
जनुसराज की आमना खातून ने कहा कि कई गांव आज भी सड़क से वंचित हैं. किसान खाद, बीज और सिंचाई जैसी जरूरतों को लेकर परेशान हैं. कांग्रेस के सादिक आरजू ने मौजूदा विधायक पर सवाल उठाते हुए कहा कि 10 साल गुजर गए, लेकिन समस्याएं जस की तस हैं. भाकपा माले के उदय कुमार यादव ने भ्रष्टाचार, सड़क, जलजमाव और रोजगार के मुद्दों पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि अस्पतालों की हालत बेहद खराब है और सरकार सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है.
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पांच प्रमुख मुद्दे
- जगह-जगह जलजमाव की गंभीर समस्या है, उसका निदान किया जाये.
- अभी भी बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों का निर्माण नहीं हुआ है, उसका निर्माण हो.
- छात्राओं के लिए महिला स्कूल व कॉलेज की स्थापना हो.
- सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पूरी तरह खत्म होना चाहिए.
- रोजगार उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था हो.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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