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Election Express: रीगा में चौपाल पर भिड़े कांग्रेस और भाजपा नेता, जनता ने उठाया किसानों का मुद्दा

Updated at : 18 Aug 2025 7:44 AM (IST)
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Election Express: रीगा में चौपाल पर भिड़े कांग्रेस और भाजपा नेता, जनता ने उठाया किसानों का मुद्दा

Bihar Election: रीगा विधानसभा क्षेत्र का गठन वर्ष 2010 में हुआ था. इसमें रीगा, सुप्पी व बैरगनिया प्रखंड हैं. यह विधानसभा शिवहर लोकसभा क्षेत्र में पड़ता है.

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Election Express: सीतामढ़ी. जिले के रीगा क्षेत्र में रविवार को प्रभात खबर की इलेक्शन एक्सप्रेस पहुंची. इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए किसान भवन में जन चौपाल का आयोजन किया गया. रीगा विधानसभा क्षेत्र में मुख्य रूप से भाजपा के मोतीलाल प्रसाद व कांग्रेस के अमित कुमार टुन्ना के बीच टक्कर होती रही है. इन्हीं दो दिग्गजों के बीच मुख्य रूप से वोटों का बंटवारा होता है. 2010 में रीगा विस के प्रथम चुनाव में भाजपा के मोतीलाल प्रसाद जीते थे. वर्ष 2015 में प्रसाद से यह सीट कांग्रेस के अमित कुमार टुन्ना ने झटक लिया था. फिर 2020 में मोतीलाल प्रसाद ने बाजी मारी थी. चीनी मिल के चलते रीगा का नाम बिहार के बाहर तक फैला हुआ है.

सत्ता पक्ष ने अपनी सफलताओं को गिनाया

चौपाल में मौजूद लोगों ने राजनीतिक पार्टी के प्रतिनिधियों से आम जन समस्याओं से लेकर रोजगार तक के मुद्दे पर तीखे सवाल किये. पार्टी के प्रतिनिधियों ने भी लोगों की बातों को सुना और गंभीरता से जवाद दिया. सत्ता पक्ष ने अपनी सफलताओं को गिनाया. कहा कि जनता के हित के काम हुए हैं और हो रहे हैं. वहीं विपक्ष ने कहा कि जनता तक विकास पहुंचा ही नहीं. मौके पर जदयू के अरुण कुमार सिंह, कांग्रेस के पूर्व विधायक अमित कुमार टुन्ना, जन सुराज के पुष्कर झा, जदयू के नंदलाल सिंह व भाजपा से पूर्व विधायक नगीना देवी आदि मौजूद थे.

प्रतिनिधियों ने दिये लोगों के सवालों के जवाब

चौपाल में चर्चा के दौरान स्थानीय लोगों के सवालों के जवाब प्रतिनिधियों ने दिये. अधिकांश लोगों की शिकायत खाद की किल्लत की थी. खाद नहीं मिलने से कितनी परेशानी है, इसपर लोग खुलकर बोले. लोगों का कहना था कि एक तो खाद मिल नहीं रही है. मिल भी रही है, तो अधिक कीमत पर. इस पर पूर्व विधायक नगीना देवी ने कहा कि अगर खाद की कमी या कालाबाजारी की बात है, तो इसके लिए जनप्रतिनिधियों को भी सोचना चाहिए. पूर्व विधायक टुन्ना ने भी 250 रुपये बोरा की खाद 500 रुपये में मिलने की बात कही. लोगों ने रीगा चीनी मिल के पूर्व प्रबंधन की ओर से केसीसी के नाम पर किसानों के साथ की गयी धोखाधड़ी का मामला खूब उठाया. लोगों ने मिल के इस धोखाधड़ी से शीघ्र मुक्त कराने का मुद्दा उठाया.

रीगा विधानसभा क्षेत्र की 05 मुख्य मुद्दे

  1. खेल को बढ़ावा देने के लिए स्टेडियम का निर्माण नहीं जरूरी है. प्रतिभावान खिलाड़ियों की प्रतिभा प्रभावित हो रही है.
  2. कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना नहीं होने से किसानों को कृषि से संबंधित जानकारियां समय पर नहीं मिल पाती.
  3. बैरगनिया, सुप्पी व रीगा प्रखंड को शामिल कर अनुमंडल बनाया जाए, ताकि क्षेत्र का विकास हो.
  4. लखनदेई नदी की उड़ाही कराकर आमजन के लिए उपयोगी बनाया जाए.
  5. बागमती नदी के के चलते हर वर्ष बाढ़ की समस्या से निजात के लिए ठोस कदम उठाया जाए.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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