ePaper

Bihar Chunav: 58 सीटों पर कांग्रेस की ''गुप्त चाल'', महागठबंधन में सीटों की सियासत चरम पर

Updated at : 02 Jul 2025 9:21 PM (IST)
विज्ञापन
Rahul Gandhi

Rahul Gandhi

Bihar Chunav: बिहार में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे महागठबंधन की सियासी पटकथा रोचक होती जा रही है. कांग्रेस की यह खामोश चाल क्या उसे सियासत की शतरंज में मात से बचा पायेगी या फिर एक बार फिर होगी वही पुरानी कहानी. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस ने 58 विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारियों की बिसात बिछा दी है.

विज्ञापन

Bihar Chunav, शशिभूषण कुंवर: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक अलग ही खिचड़ी पक रही है. महागठबंधन की रसोई में सीटों का मसाला पूरी तरह तैयार तो नहीं हुआ है, लेकिन ज्यादातर व्यंजन बन चुके हैं. कुछ सीटों पर अब भी सियासी उबाल बाकी है. लेकिन इस बीच कांग्रेस ने बिना शोर-शराबे के अपनी चालें तेज कर दी हैं. और वह भी एकदम खामोशी से. 

कांग्रेस पर्दे के पीछे चल रही चाल 

बिहार में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे महागठबंधन की सियासी पटकथा रोचक होती जा रही है. कांग्रेस की यह खामोश चाल क्या उसे सियासत की शतरंज में मात से बचा पायेगी या फिर एक बार फिर होगी वही पुरानी कहानी. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस ने 58 विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारियों की बिसात बिछा दी है. पर्दे के पीछे से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अपनी टीम को मैदान में उतार दिया है. हर एक सीट पर एक-एक अनुभवी ऑब्जर्वर की तैनाती कर दी गयी है जो जल्द ही अपने-अपने क्षेत्रों में कमान संभालेंगे. मजेदार बात यह है कि ये सभी ऑब्जर्वर ”गुप्त एजेंट” की तरह काम कर रहे हैं. इनका लिस्ट तो जारी कर दिया गया है पर न इनका चेहरा, न ही उनकी लोकेशन बताया गया है. सब कुछ पूरी तरह गोपनीय है. ऐसे तरीके से कांग्रेस अंदर से पूरी तरह एक्टिव हो चुकी है. 

बिहार के बाहर के नेताओं को मिली है जिम्मेदारी

माना जा रहा है कि जैसे ही महागठबंधन में सीटों का ”धुंध” साफ होगा, कांग्रेस के ये ऑब्जर्वर सीधे चुनावी रणभूमि में उतरेंगे. 2020 के विधानसभा चुनाव की कड़वी यादें कांग्रेस को अब भी टीस देती हैं. तब 70 सीटें मिली थीं लेकिन जीत मिली सिर्फ 19 पर. नतीजा यह हुआ कि महागठबंधन सत्ता की देहरी तक पहुंचकर भी अंदर नहीं जा सका. राजद ने उस हार का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ते हुए दो टूक कह दिया था कि ज्यादा सीटें मिलीं, पर काम कुछ नहीं किया. यही वजह है कि इस बार कांग्रेस ज्यादा सीटों की मांग में नहीं उलझी है. उसने शुरुआती तौर पर 58 सीटों पर ही अपने सिपाहियों को तैनात किया है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

बिहार के बाहर के नेताओं को मिली है अहम जिम्मेदारी

इन सिपाहियों की खासियत यह है कि अधिकतर बिहार से बाहर के नेता हैं. अनुभवी, रणनीतिकार और संगठन को समझने वाले हैं. फिलहाल ये सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में जाने की तैयारी में हैं. लेकिन तब तक नहीं जब तक सीटों का औपचारिक एलान न हो जाये. टिकट किसे मिलेगा ये भी कांग्रेस खुद तय करेगी. न कोई दबाव, न कोई दिखावा. (प्रभात खबर के लिए शशिभूषण कुंवर की रिपोर्ट)

इसे भी पढ़ें: Bihar: मानसून सत्र से पहले हो सकता है मोदी कैबिनेट का विस्तार, बिहार से ये नेता बन सकते हैं मंत्री

विज्ञापन
Shashibhushan kuanar

लेखक के बारे में

By Shashibhushan kuanar

Shashibhushan kuanar is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन