ePaper

Bihariganj: जेडीयू का गढ़, लेकिन बढ़ रही है सियासी गर्मी

Updated at : 10 Jul 2025 7:33 PM (IST)
विज्ञापन
Bihariganj: जेडीयू का गढ़, लेकिन बढ़ रही है सियासी गर्मी

Bihariganj: जेडीयू का गढ़, लेकिन बढ़ रही है सियासी गर्मी

Bihariganj Vidhan Sabha Chunav 2025 : बिहारीगंज विधानसभा सीट मधेपुरा जिले की एक महत्वपूर्ण सीट है, जेडीयू का यहां मजबूत पकड़ रहा है, लेकिन हर बार कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है, राजद नेत्री प्रियंका मेहता ने भी चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. अगर उन्हें पार्टी टिकट नहीं मिला, तो वे निर्दलीय मैदान में उतरेंगी, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है.

विज्ञापन

Bihariganj Vidhan Sabha Chunav 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और मधेपुरा जिले की बिहारीगंज विधानसभा सीट पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. इस सीट का गठन 2008 के परिसीमन के बाद हुआ था और अब तक यहां तीन बार चुनाव हो चुके हैं. यादव और मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र में अब तक जेडीयू का दबदबा रहा है.

पिछले विधानसभा चुनाव में यहां जेडीयू के निरंजन कुमार मेहता ने कांग्रेस की ओर से महागठबंधन की उम्मीदवार सुभाषिनी यादव को हराया था. जेडीयू विधायक और उम्मीदवार निरंजन कुमार मेहता ने उन्हें करीब 19 हजार वोटों से हराया. सुभाषिनी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की बेटी हैं. यह मुकाबला बेहद टाइट और दिलचस्प रहा था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहां सियासी संघर्ष तीखा होता जा रहा है.

बिहारीगंज सीट पर जेडीयू और राजद में बगावत

बिहारीगंज विधानसभा सीट पर जेडीयू को एक झटका तब लगा जब उसके तीन बड़े नेताओं ने राजद का दामन थाम लिया. इन नेताओं का नेतृत्व बिहारीगंज से पूर्व राजद प्रत्याशी इं. प्रभाष कुमार ने किया. इससे जेडीयू के वोट बैंक में सेंध लगने की आशंका है.

इधर, सियासी पटल पर एक और नया नाम सामने आया है — राजद नेत्री प्रियंका मेहता, जो 2007 से सक्रिय राजनीति में हैं और लंबे समय से राजद से जुड़ी हुई हैं. प्रियंका मेहता ने एलान किया है कि वह 2025 में बिहारीगंज सीट से चुनाव लड़ेंगी. अगर पार्टी टिकट देती है तो राजद से लड़ेंगी, अन्यथा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरेंगी. उनका कहना है कि समर्पण का लाभ किसी और को देना नाइंसाफी होगी.

Also Read: कटिहार विधानसभा की तीन पंचायतों में वोटर लिस्ट को लेकर असमंजस, ग्रामीण परेशान

बिहारीगंज में अबकी बार मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है, जिससे चुनाव और रोचक हो जाएगा. इस सीट पर यादव और मुस्लिम आबादी सबसे अहम भूमिका में हैं. हालांकि राजपूत, ब्राह्मण, कोइरी, कुर्मी, रविदास, पासवान वोटरों की संख्या भी निर्णायक है

विज्ञापन
Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन