Bihar Exit Poll 2025: बिहार चुनाव के एग्जिट पोल में इस पार्टी की बल्ले-बल्ले, कर सकती है धमाकेदार वापसी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 11 Nov 2025 6:41 PM
सांकेतिक फोटो
Bihar Exit Poll 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण का मतदान खत्म हो चुका है. इस फेज में भी मतदाताओं ने गजब का उत्साह दिखाया. IANS के एग्जिट पोल में नीतीश कुमार की पार्टी को सबसे ज्यादा सीट मिलने की उम्मीद जताई गई है.
Bihar Exit Poll 2025: बिहार में फिलहाल नीतीश कुमार वाली एनडीए की सरकार है. 2005 से लेकर 2020 तक हुए लगभग हर विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले गठबंधन ने जीत दर्ज की है. हालांकि 2015 के चुनाव में महागठबंधन को सफलता मिली थी, तब जेडीयू भी उसी गठबंधन का हिस्सा था. इस बार भी मुख्य मुकाबला सत्ता में मौजूद एनडीए और विपक्षी महागठबंधन के बीच देखने को मिल रहा है.
प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी चुनावी मैदान में उतरकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है. बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से 121 सीटों पर पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान हुआ था. उस चरण में 64 प्रतिशत से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था. दूसरे चरण में भी मतदाताओं में काफी उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में लोगों ने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डाले.
नीतीश कुमार की पार्टी के लिए शुभ संकेत
बिहार चुनाव को लेकर आये MATRIZE-IANS के एग्जिट पोल में NDA को 48%, महागठबंधन को 37% और अन्य को 15% वोट मिलने का अनुमान जताया गया है.
इस एग्जिट पोल के मुताबिक जदयू सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी. MATRIZE-IANS के एग्जिट पोल में जदयू को 67 से 75 सीट मिलने की उम्मीद जताई गई है. बीजेपी को 65 से 73 सीट मिलने की संभावना है. लालू यादव की पार्टी राजद को 50 से 58 सीट मिल सकती है.
2020 में जदयू तीसरे स्थान पर रही थी
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के जब नतीजे आये उसमें लालू यादव की पार्टी राजद (75) को सबसे ज्यादा सीट मिले. दूसरे नंबर पर बीजेपी (74) थी. 43 सीटों के साथ नीतीश कुमार की पार्टी तीसरे नंबर रही थी.
बिहार चुनाव की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
एग्जिट पोल क्या होता है
एग्जिट पोल के जरिए चुनाव परिणामों की एक अनुमानित तस्वीर सामने आती है. एग्जिट पोल एक प्रकार का सर्वे होता है. इसमें मतदान के तुरंत बाद मतदाताओं से बातचीत की जाती है. इसमें यह जानने की कोशिश की जाती है कि उन्होंने किस उम्मीदवार या पार्टी को वोट दिया है. चूंकि यह सर्वे वोट डालने के बाद मतदान केंद्र के बाहर किया जाता है, इसलिए इसे एग्जिट पोल कहा जाता है.
सर्वे करने वाली एजेंसियों की टीमें मतदान केंद्रों के बाहर खड़ी होकर वोट डालकर निकल रहे मतदाताओं से सवाल करती हैं. इन मतदाताओं की प्रतिक्रियाओं और जवाबों को इकट्ठा करने के बाद उसका विश्लेषण किया जाता है. विश्लेषण के आधार पर ही चुनाव परिणामों का अनुमान तैयार किया जाता है. भारत में कई सर्वे एजेंसियां इस तरह के एग्जिट पोल करती हैं, ताकि यह समझा जा सके कि जनता का झुकाव किस दिशा में है. वो मौजूदा सरकार से खुश है या बदलाव चाहती है. इस पोल के आंकड़े हमेशा सही नहीं होते हैं.
इस पोल में जिस पार्टी की सरकार बनती दिखाई जाती है उसका कहना होता है कि हमें शुरू से ही पता था कि जनता का समर्थन मिलेगा. वहीं, विपक्षी दल के नेता कहते हैं कि हमें इस पोल पर भरोसा नहीं है. हम नतीजा आने का इंतजार करेंगे.
इसे भी पढ़ें: बिहार में वोटिंग के बीच बीजेपी का राजद पर बड़ा आरोप, कहा- तेजस्वी ने मुकेश सहनी के कनपट्टी पर ही कट्टा लगा दिया
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










