मगध की सियासत में 'भूमिहार' परिवार की बहार, जानें क्यों NDA ने एक ही खानदान के तीन लोगों को दिया टिकट
Published by : Anshuman Parashar Updated At : 17 Oct 2025 10:09 PM
जहानाबाद के पूर्व सांसद डॉ. अरुण कुमार
Bihar Election 2025: बिहार की चुनावी खींचतान में, जहानाबाद के पूर्व सांसद अरुण कुमार का परिवार सुर्खियों में है. भूमिहार जाति के इस प्रभावशाली परिवार को NDA ने एक साथ तीन विधानसभा टिकट दिए हैं.
Bihar Election 2025: बिहार की राजनीति में जातिगत समीकरणों का बोलबाला रहा है, और इस बार भूमिहार समाज के एक प्रभावशाली परिवार की किस्मत चमकी है. जहानाबाद के पूर्व सांसद डॉ. अरुण कुमार के परिवार के तीन सदस्यों को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के दो प्रमुख दलों में जनता दल यूनाइटेड (JDU) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने टिकट दिया है. इस घटनाक्रम को बिहार में राजपूतों के बाद सबसे अधिक टिकट पाने वाले भूमिहार समुदाय के नेताओं को अपने पाले में करने की महागठबंधन और NDA की खींचतान का सीधा परिणाम माना जा रहा है.
एक ही परिवार में दो पार्टियों से तीन लोगों को मिला टिकट
मगध क्षेत्र के बड़े भूमिहार नेता डॉ. अरुण कुमार के परिवार को टिकट मिला है. उनके बेटा ऋतुराज कुमार JDU ने जहानाबाद जिले की घोसी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है. ऋतुराज का यह पहला चुनाव है. डॉ. अरुण कुमार के भाई अनिल कुमार को जीतनराम मांझी की पार्टी ‘हम’ ने गया जिले की टिकारी सीट से टिकट देकर मैदान में उतारा है. अनिल कुमार चार बार के अनुभवी विधायक हैं और वर्तमान में टिकारी से विधायक भी हैं. साथ ही अरुण कुमार के भतीजा रोमित कुमार को भी ‘हम’ ने गया जिले की अतरी विधानसभा सीट से टिकट दिया है.
अरुण कुमार के परिवार को NDA से क्यों मिला टिकट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी वापसी का रास्ता तब खुला जब मगध के एक अन्य बड़े भूमिहार नेता जगदीश शर्मा के बेटे राहुल शर्मा ने तेजस्वी यादव की राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का दामन थाम लिया. माना जा रहा है कि जहानाबाद की राजनीति में RJD के इस ‘भूमिहार दांव’ से घबराकर, NDA ने तुरंत अरुण कुमार और उनके बेटे ऋतुराज को JDU में शामिल कर लिया और घोसी से उन्हें टिकट दे दिया गया. अरुण कुमार के भाई अनिल कुमार का राजनीतिक अनुभव काफी लंबा रहा है. वह वर्तमान में टिकारी से विधायक हैं और पहले भी कई चुनाव जीत चुके हैं.
- 2005 : कोंच सीट से जेडीयू के टिकट पर जीत.
- 2010: परिसीमन के बाद टिकारी सीट से जेडीयू के टिकट पर जीत.
- 2015: ‘हम’ के टिकट पर लड़े, लेकिन जेडीयू के अभय कुशवाहा से हार गए.
- 2020: दोबारा ‘हम’ के टिकट पर टिकारी से जीत हासिल की.
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By Anshuman Parashar
अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.
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