गोपालगंज में गंडक पर बनेगा नया महासेतु? शिक्षा मंत्री ने नितिन गडकरी से की सलेमपुर घाट पुल निर्माण की मांग

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केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी से अपनी बातें रखते शिक्षा मंत्री

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बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गोपालगंज और पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाले सलेमपुर घाट महासेतु के निर्माण की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की है। इस पुल से आवागमन सुगम होगा और नेपाल तक का मार्ग भी बेहतर बनेगा।

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Mithilesh Tiwari: गोपालगंज और पूर्वी चंपारण जिले के बीच गंडक नदी पर सलेमपुर घाट में महासेतु निर्माण की मांग को लेकर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि इस पुल के निर्माण से दोनों जिलों के बीच आवागमन सुगम होगा और नेपाल तक जाने वाले महत्वपूर्ण मार्ग को भी नई गति मिलेगी.

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गोपालगंज–मोतिहारी के बीच दूरी होगी कम

प्रस्तावित महासेतु छपरा–महम्मदपुर–सलेमपुर–गोविंदगंज तथा बलिया–मांझी–बरौली–सरफरा–सलेमपुर–गोविंदगंज–मोतिहारी–रक्सौल–नेपाल मार्ग को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा. इसके निर्माण से सारण, गोपालगंज और पूर्वी चंपारण के बीच यात्रा की दूरी कम होगी. साथ ही लोगों का समय और परिवहन लागत दोनों में कमी आएगी.

नेपाल तक सीधा संपर्क होगा मजबूत

यह मार्ग पटना से जेपी सेतु, अमनौर, मशरख, महम्मदपुर, सलेमपुर, गोविंदगंज, अरेराज, मोतिहारी और रक्सौल होते हुए नेपाल तक सीधा संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा. इससे व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.

डुमरिया घाट पुल पर कम होगा दबाव

वर्तमान में गंडक नदी पर गोपालगंज जिले के डुमरिया घाट स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-27 का पुल ही प्रमुख संपर्क मार्ग है, जो दिल्ली से असम को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल काफी पुराना हो चुका है. यदि किसी कारणवश इस पुल पर आवागमन बाधित होता है तो गंडक नदी पार करने का कोई प्रभावी वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं रहेगा, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो सकता है.

लोगों को नई उम्मीद

सलेमपुर घाट पर महासेतु निर्माण की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री से हुई इस मुलाकात के बाद क्षेत्र के लोगों में नई उम्मीद जगी है. लोगों का मानना है कि पुल बनने से उत्तर बिहार और नेपाल के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.

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