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बिहार में पहला केस: कोरोना पॉजिटिव 20 दिन के बच्चे की मौत, वेंटिलेटर होता तो बच सकती थी जान

Updated at : 13 Jun 2021 9:31 AM (IST)
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बिहार में पहला केस: कोरोना पॉजिटिव 20 दिन के बच्चे की मौत, वेंटिलेटर होता तो बच सकती थी जान

जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पीजी शिशु रोग विभाग में भर्ती 20 दिन के नवजात बच्चे की कोरोना संक्रमण से मौत हो गयी. बताया जा रहा है सूबे में किसी भी नवजात की कोरोना से यह पहली मौत है. अस्पताल प्रबंधन ने शिशु की मौत के बाद शव को कोविड प्रोटोकॉल के तहत पैक कर परिजनों को सौंप दिया है. पीजी शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो डॉ आरके सिन्हा के अनुसार बिहार में यह पहली घटना है, जिसमें कोई 20 दिन का नवजात कोरोना की चपेट में आया और इसकी मौत हो गयी.

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जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पीजी शिशु रोग विभाग में भर्ती 20 दिन के नवजात बच्चे की कोरोना संक्रमण से मौत हो गयी. बताया जा रहा है सूबे में किसी भी नवजात की कोरोना से यह पहली मौत है. अस्पताल प्रबंधन ने शिशु की मौत के बाद शव को कोविड प्रोटोकॉल के तहत पैक कर परिजनों को सौंप दिया है. पीजी शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो डॉ आरके सिन्हा के अनुसार बिहार में यह पहली घटना है, जिसमें कोई 20 दिन का नवजात कोरोना की चपेट में आया और इसकी मौत हो गयी.

अररिया जिले के पीरनगर निवासी राहुल कुमार को 20 दिन पहले बेटा हुआ था. करीब 10 दिन पहले नवजात की मां ने देखा कि बेटे की सांस फूल रही है. खांसी भी हो रही है. नवजात को लेकर परिजन सदर अस्पताल पूर्णिया पहुंचे. इसके बाद एंटिजन रैपिड किट से कोरोना की जांच की गयी. इसमें नवजात पॉजिटिव पाया गया. नवजात की स्थिति को देखते हुए उसे जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया.

नवजात को लेकर चार जून को परिजन मायागंज अस्पताल पहुंचे. उसे पीजी शिशु रोग विभाग के नीकू (नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट) वार्ड में डॉ सतीश कुमार की यूनिट में भर्ती किया गया. विभागाध्यक्ष प्रो डॉ आरके सिन्हा के अनुसार जिस वक्त उसे भर्ती कराया गया था, उसका पल्स रेट कम और ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल (एसपीओटू) 97 प्रतिशत था. 10 जून को नवजात की आरटीपीसीआर जांच करायी गयी. इसमें भी वह पॉजिटिव निकला.

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विभागाध्यक्ष ने कहा कि नवजात को लगातार ऑक्सीजन पर रखा जा रहा था. परेशानी यह थी की ऑक्सीजन फ्लो कम रहने व संक्रमण फेफड़ों तक हो गया था. इस वजह से शुक्रवार आधी रात को नवजात का एसीओटू लेवल 65 प्रतिशत हो गया. हमने काफी प्रयास किया लेकिन नवजात ने शनिवार सुबह 2:10 बजे दम तोड़ दिया.

बता दें कि जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पीजी शिशु रोग विभाग में कोरोना पॉजिटिव नवजात एवं शिशु के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं है. पिछले दो माह से अस्पताल में लगे दो वेंटिलेटर खराब पड़े हैं. बुखार नापने के लिए थर्मामीटर तक नहीं है. सेंक्सन मशीन, विंग मशीन व ग्लोको मीटर भी नहीं है.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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