BS4 और BS6 के फेर में घटी गाड़ियों की बिक्री, अर्थव्यवस्था में नरमी भी बनी वजह

Updated:
विज्ञापन
BS4 और BS6 के फेर में घटी गाड़ियों की बिक्री, अर्थव्यवस्था में नरमी भी बनी वजह

Vehicle sale fell: नयी दिल्ली : भारत में BS6 एमिशन नॉर्म्स लागू होने में ज्यादा समय नहीं बचा है. 1 अप्रैल 2020 से भारत में नये एमिशन नॉर्म्स लागू हो जाएंगे. इसके बीच देश में विभिन्न श्रेणियों में वाहनों की थोक बिक्री में फरवरी में 19.08 प्रतिशत की गिरावट रही.

विज्ञापन

Vehicle sale fell: नयी दिल्ली : भारत में BS6 एमिशन नॉर्म्स लागू होने में ज्यादा समय नहीं बचा है. 1 अप्रैल 2020 से भारत में नये एमिशन नॉर्म्स लागू हो जाएंगे. इसका मतलब यह है कि भारत में 31 मार्च 2020 के बाद से BS4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन और सेल बंद हो जाएगी.

इन सबके बीच देश में विभिन्न श्रेणियों में वाहनों की थोक बिक्री में फरवरी में 19.08 प्रतिशत की गिरावट रही. इसकी प्रमुख वजह आर्थिक नरमी के चलते कमजोर पड़ती मांग और वाहन उत्पादन को बीएस-6 के अनुरूप बनाने की वजह से बीएस-4 वाहनों का उत्पादन घटना है.

वाहन विनिर्माता कंपनियों के अखिल भारतीय संगठन ‘सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स’ (सियाम) ने फरवरी के वाहन बिक्री आंकड़े जारी किये हैं. इसके अनुसार फरवरी में विभिन्न श्रेणियों में कुल 16,46,332 वाहन बिके, जबकि फरवरी 2019 में यह आंकड़ा 20,34,597 वाहन था.

सियाम के अध्यक्ष राजन वढेरा ने एक बयान में कहा, कंपनियों की थोक बिक्री में गिरावट की प्रमुख वजह आर्थिक नरमी और बीएस-4 वाहनों का उत्पादन घटना है. ‘वाहन’ पोर्टल पर मौजूद पंजीकृत वाहनों की संख्या के आधार पर बीएस-4 वाहनों की अंतिम समय की खरीद में कुछ बढ़ोत्तरी हो सकती है.

उन्होंने कहा, कोरोना वायरस महामारी के चलते चीन से कलपुर्जों की बाधित आपूर्ति भी चिंता का कारण है. इससे कंपनियों की उत्पादन योजनाओं पर असर पड़ सकता है. हालांकि कोरोना वायरस महामारी के लिए सरकार का ‘फोर्स मैजेयर’ की अधिसूचना जारी करना और सभी तरह के सीमा शुल्क केंद्रों पर आयात के लिए चौबीसों घंटे की मंजूरी सुविधा शुरू करना एक स्वागत योग्य कदम है.

‘फोर्स मैजेयर’ अनुबंधों में शामिल किया जाने वाला एक कानूनी प्रावधान है. यह प्रावधान संबंधित पक्षों को उनके नियंत्रण से बाहर की कोई परिस्थिति बनने की स्थिति में अनुबंध की कानूनी बाध्यताओं से राहत प्रदान करता है. रपट के अनुसार समीक्षावधि में यात्री वाहनों की घरेलू बिक्री 7.61 प्रतिशत गिरकर 2,51,516 वाहन रही जो फरवरी 2019 में 2,72,243 वाहन थी.

कारों की बिक्री 8.77 प्रतिशत घटकर 1,56,285 वाहन रही, जो पिछले साल फरवरी में 1,71,307 वाहन थी. देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की वाहन बिक्री फरवरी में 2.34 प्रतिशत घटकर 1,33,702 वाहन रही. वहीं उसकी प्रतिद्वंदी कंपनी हुंदै मोटर इंडिया की बिक्री में भी 7.19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी और यह 40,010 वाहन रही.

बाजार में नयीश्यी किआ मोटर्स बिक्री के मामले में तीसरे स्थान पर रही. फरवरी में कंपनी ने 15,644 वाहन बेचे. दोपहिया श्रेणी में फरवरी में बिक्री 19.82 प्रतिशत गिरकर 12,94,791 इकाई रही. पिछले साल फरवरी में 16,14,941 दोपहिया वाहन बिके थे.

सबसे बड़ी दोपहिया वाहन विनिर्माता हीरो मोटोकॉर्प की कुल दोपहिया वाहन बिक्री फरवरी में 20.05 प्रतिशत घटकर 4,80,196 वाहन रही. जबकि प्रतिद्वंदी होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया का बिक्री 22.83 प्रतिशत गिरकर 3,15,285 वाहन रही. इसी तरह चेन्नई की टीवीएस मोटर कंपनी की बिक्री फरवरी में 26.73 प्रतिशत टूटकर 1,69,684 वाहन रही.

मोटरसाइकिलों की बिक्री में भी गिरावट दर्ज की गयी है. फरवरी में यह 22.02 प्रतिशत गिरकर 8,16,679 मोटरसाइकिल रही जो पिछले साल फरवरी में 10,47,356 वाहन थी. स्कूटर की बिक्री 14.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ फरवरी में 4,22,310 वाहन रही जो फरवरी 2019 में 4,92,584 इकाई थी.

सियाम के मुताबिक वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री फरवरी में 32.9 प्रतिशत गिरकर 58,670 वाहन रही जो पिछले साल फरवरी में 87,436 वाहन थी.

विज्ञापन
राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए [email protected] पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola