सेकेंड-हैंड कार खरीद रहे हैं? इन 5 बातों का नहीं रखा ख्याल, तो पछताएंगे
Published by : Shivani Shah Updated At : 04 Feb 2026 2:40 PM
यूज्ड कार बाइंग टिप्स
Used Car Buying Tips: अगर आप नई कार का सपना तो देख रहे हैं, लेकिन बजट आपको सेकेंड हैंड कार की तरफ ले जा रहा है, तो जरा रुकिए. सेकेंड-हैंड कार सही चुनी जाए तो फायदे का सौदा बन सकती है. लेकिन एक छोटी-सी चूक आगे चलकर जेब और दिमाग दोनों पर भारी पड़ सकती है. इसलिए डील फाइनल करने से पहले यहां बताए गए 5 जरूरी बातों की जांच करना बेहद जरूरी है.
Used Car Buying Tips: मान लीजिए आपने सेकेंड-हैंड कार पसंद कर ली है. कार की टेस्ट ड्राइव भी ठीक रही है, कीमत भी सही लग रही है और अब बस पेमेंट बाकी है. लेकिन यहीं पर ज्यादातर लोग गलती कर बैठते हैं. सही जांच के बिना खरीदी गई कार बाद में बड़ी परेशानी बन सकती है. नई कारों की बढ़ती कीमतों की वजह से लोग सेकेंड-हैंड कार की तरफ रुख कर रहे हैं. लेकिन सही जांच के बिना खरीदी गई कार में मेंटेनेंस, भरोसे और खर्च से जुड़ी दिक्कतें आ सकती हैं. ऐसे में खरीदने से पहले 5 बातों का ध्यान जरूर रखें.
शोरूम सर्विस और मेंटेनेंस हिस्ट्री
यूज्ड कार की सर्विस हिस्ट्री से पता चलता है कि गाड़ी की देखभाल कैसी रही है. रेगुलर सर्विस, ऑयल चेंज, ब्रेक और जरूरी रिपेयर का रिकॉर्ड भरोसे का वादा देता है. अगर रिकॉर्ड अधूरा या गायब हो तो फ्यूचर में खर्च बढ़ सकता है. आप कार का रजिस्ट्रेशन नंबर देकर ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर से इसकी सर्विस डिटेल निकलवा सकते हैं. आमतौर पर हर 10,000 किमी या एक साल में सर्विस होना सही माना जाता है.
इंश्योरेंस हिस्ट्री जरूर देखें
कार की इंश्योरेंस पॉलिसी में दिए गए IDV और नो-क्लेम बोनस को चेक करें. लगातार नो-क्लेम बोनस मिलने का मतलब है कि कार एक्सीडेंट-फ्री रही है. अगर IDV अचानक कम हो या नो-क्लेम बोनस न हो, तो पहले ही किसी बड़े क्लेम या रिपेयर का फायदा उठाया जा चुका है.
गाड़ी की बाहरी हालत पर ध्यान दें
कार के बाहरी हिस्से में जंग, अलग-अलग कलर की पेंटिंग, पैनल गैप, ज्यादा घिसावट या टूट-फूट एक्सीडेंट या खराब मेंटेनेंस की ओर इशारा करती है. सभी शीशों पर मौजूद एचिंग कोड एक जैसे होने चाहिए. टायर, ब्रेक और अंडरबॉडी भी ध्यान से चेक करें. क्योंकि इनकी मरम्मत महंगी पड़ सकती है.
ओनरशिप और डॉक्यूमेंट्स की जांच
अधिकतर लोग सिंगल-ओनर कार को प्रायोरिटी देते हैं. क्योंकि, गाड़ी का इस्तेमाल सिर्फ एक ही ओनर द्वारा किया जाता है, जिससे इसके यूज हिस्ट्री और डॉक्यूमेंटेशन को वेरिफाई करना आसान हो जाता है. ऐसे में पहले कन्फर्म करें कि RC में दर्ज नाम और पता सेलर के डिटेल्स से मैच हो रहा है या नहीं. गाड़ी के चेसिस और इंजन नंबर में भी कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए.
लीगल डॉक्यूमेंट्स और बकाया राशि
पुरानी गाड़ी खरीदने से पहले यह कन्फर्म करें कि कार के सभी लीगल डॉक्यूमेंट्स सही है. यह चेक करें कि गाड़ी में वैलिड इंश्योरेंस, अपडेटेड PUC और पूरा रोड टैक्स जमा हो. गाड़ी का किसी तरह का लोन, ट्रैफिक चालान या कानूनी केस पेंडिंग न हो. अगर कार लोन पर है या दूसरे राज्य में ट्रांसफर होनी है, तो NOC लेना जरूरी होता है.
यह भी पढ़ें: FASTag यूजर्स को अब बार-बार नहीं करना पड़ेगा KYV अपडेट, NHAI ने दूर की बड़ी टेंशन
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shivani Shah
शिवानी कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर टेक-ऑटो कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में वह 3 सालों से सक्रिय हैं. वह टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं. वह आसान भाषा और साफ तरीके से खबर लिखती हैं. टेक कैटेगरी में वह स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गैजेट्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स पर खबर लिखती हैं. ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी शिवानी नई कार-बाइक लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ऑटो अपडेट्स, कार और बाइक से जुड़े टिप्स व नई तकनीक पर खबरें लिखती हैं. वह टेक और ऑटो की खबरों को आसान तरीके से पेश करती हैं, ताकि हर रीडर उसे आसानी से समझ सके. उनकी लेखन शैली आसान, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है. शिवानी ने करीम सिटी कॉलेज जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे कंटेन्ट राइटिंग की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिवानी ने Lagatar.Com और The News Post जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है. यहां उन्होंने टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य न्यूज बीट पर कंटेंट तैयार किया. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में उनकी खास रुचि है और वह लगातार नए विषयों पर बेहतर और भरोसेमंद कंटेंट तैयार कर रही हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शिवानी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि रीडर्स तक सही, काम की खबरें और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










