Thar Roxx बनाम Jimny बनाम Gurkha 5-डोर: असली ऑफ-रोडर कौन, फैमिली के लिए कौन परफेक्ट?
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 21 Dec 2025 12:35 PM
थार रॉक्स बनाम जिम्नी बनाम गुरखा 5-डोर
Thar Roxx Vs Jimny Vs Gurkha 5-Door: महिंद्रा थार रॉक्स, मारुति सुजुकी जिम्नी और फोर्स गुरखा 5-डोर की असली ऑफ-रोड परीक्षा. यहां पर जानिए कौन सी एसयूवी है फैमिली और एडवेंचर दोनों के लिए बेस्ट
Thar Roxx Vs Jimny Vs Gurkha 5-Door: भारत में 5-डोर ऑफ-रोड एसयूवी का खेल अब गंभीर हो चुका है. महिंद्रा थार रॉक्स, मारुति सुजुकीजिम्नी और फोर्स गुरखा 5-डोर- तीनों ही दमदार इरादों के साथ मैदान में हैं. कोई टेक्नोलॉजी से लुभाता है, कोई कच्ची-पक्की ताकत से, तो कोई हल्के वजन और सादगी से. सवाल यही है कि रोजमर्रा की जिंदगी और जंगल-पहाड़, दोनों के लिए सबसे संतुलित पैकेज कौन देता है?
ऑफ-रोड में किसका जलवा सबसे भारी?
तीनों एसयूवी असली ऑफ-रोडर की बुनियाद पर खड़ी हैं- लैडर-फ्रेम चेसिस और लो-रेंज गियरिंग. जिम्नी छोटे आकार और हल्के वजन का फायदा उठाती है. बिना डिफरेंशियल लॉक के भी सही लाइन पकड़ ली जाए तो यह मुश्किल रास्तों से निकल जाती है. गुरखा 5-डोर पूरी तरह देसी, रॉ और मैकेनिकल फील देता है. इसके फ्रंट और रियर डिफ लॉक कठिन हालात में बड़े काम के हैं, हालांकि इनका ऑपरेशन कभी-कभी झुंझलाहट भी देता है. थार रॉक्स बीच का सबसे मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरता है. इलेक्ट्रॉनिक रियर डिफ लॉक, हल्का इलेक्ट्रिक स्टीयरिंग और बेहतर कंट्रोल इसे तकनीक और ताकत का संतुलित मेल बनाते हैं. लंबा व्हीलबेस होने के बावजूद ऑफ-रोड क्षमता में कोई बड़ी कमी महसूस नहीं होती.
लुक, रोड प्रेजेंस और केबिन का खेल
जिम्नी सबसे कॉम्पैक्ट है. शहर में चलाना आसान, लेकिन रोड पर रुतबा कम. गुरखा 5-डोर ऊंचाई और बॉक्सी डिजाइन के कारण सबसे भारी-भरकम दिखती है- स्नॉर्कल और रूफ रैक इसे एडवेंचर रेडी बनाते हैं. थार रॉक्स स्टाइल और साइज का सही तालमेल बैठाती है. केबिन में कदम रखते ही इसका प्रीमियम एहसास अलग ही पहचान बनाता है.बड़ा टचस्क्रीन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट्स और बेहतर मटीरियल क्वाॅलिटी इसे साफ बढ़त दिलाते हैं, जबकि गुरखा का इंटीरियर अभी भी काफी बेसिक लगता है.
पीछे की सीट और फैमिली प्रैक्टिकलिटी
रियर सीट की बात करें, तो थार रॉक्स यहां बाजी मार लेती है. घुटनों के लिए पर्याप्त जगह, एडजस्टेबल बैकरेस्ट और पैनोरमिक सनरूफ फैमिली इस्तेमाल को आसान बनाते हैं.जिम्नी चार-सीटर है और पीछे बैठने वालों को सीमित जगह से समझौता करना पड़ताहै.गुरखा की खासियत इसका तीसरा रो है, लेकिन वहां पहुंचना और सामान के साथ इस्तेमाल करना उतना आसान नहीं.बड़ी दिखने वाली गुरखा अंदर से उतनी खुली नहीं लगती.
इंजन, ताकत और सड़क प्रेजेंस
जिम्नी का पेट्रोल इंजन भरोसेमंद है, लेकिन हाईवे पर जोश कम पड़ जाता है. गुरखा का नया डीजल पहले से कहीं बेहतर है, फिर भी भारी बॉडी के कारण यह आपको आराम से चलाने के लिए मजबूर करता है. थार रॉक्स का डीजल इंजन यहां सबसे ज्यादा असर छोड़ताहै. ताकत, रिस्पॉन्स और गियरबॉक्स का तालमेल इसे शहर, हाईवे और ऑफ-रोड- तीनों जगह आत्मविश्वास देता है. स्टीयरिंग भी बाकी दोनों के मुकाबले कहीं ज्यादा आधुनिक और हल्का महसूस होता है.
सेफ्टी, कीमत और आखिरी फैसला
सेफ्टी फीचर्स में थार रॉक्स साफ आगे निकल जाती है. छह एयरबैग, स्टेबिलिटी कंट्रोल के साथ-साथ एडीएएस जैसी आधुनिक तकनीक इसे ज्यादा भरोसेमंद बनाती है.जिम्नी और गुरखा यहां लिमिटेड नजर आती हैं. कीमत की बात करें, तो जिम्नी सबसे सस्ती है, गुरखा बीच में और थार रॉक्स सबसे महंगी. लेकिन फीचर्स, परफॉर्मेंस और ऑल-राउंड उपयोग को देखें तो थार रॉक्स पैसों की पूरी कीमत वसूल करती है. यही वजह है कि यह एकमात्र गाड़ी के तौर पर सबसे मजबूत दावा पेश करती है.
यह भी पढ़ें: Tata Sierra 2025 vs Hyundai Creta: नयी सिएरा ने क्रेटा को दी खुली चुनौती, देखें कीमत-फीचर्स-स्पेस की पूरी तुलना
यह भी पढ़ें: Mahindra Thar vs Thar Roxx: जानिए किसे खरीदनी चाहिए क्लासिक Thar और किसे नयी Roxx
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










