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Sedan vs SUV: माइलेज के मामले में कौन सी कार है आगे? खरीदने से पहले जान लें जरूरी बातें

Updated at : 18 Dec 2025 4:28 PM (IST)
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Sedan vs SUV

Sedan vs SUV

Sedan vs SUV: भारत में लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों ने कार खरीदने वालों के लिए माइलेज को सबसे बड़ा फैक्टर बना दिया है. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि सेडान और SUV में से कौन-सी कार ज्यादा माइलेज देती है, ताकि गाड़ी खरीदते वक्त किसी तरह की उलझन न रहे. आइए आपको डिटेल में बताते हैं.

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Sedan vs SUV: अगर आप कारों की दुनिया में अभी नए हैं और अक्सर सोचते हैं कि सेडान और SUV में से कौन ज्यादा माइलेज देती है, तो आपके मन में उठ रहा ये सवाल आज हम दूर कर देंगे. आगे बढ़ने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर माइलेज होती क्या है?

माइलेज का मतलब होता है कि एक कार एक लीटर पेट्रोल या डीजल में कितने किलोमीटर चल सकती है. भारत में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों की वजह से ज्यादातर खरीदारों के लिए माइलेज बहुत बड़ा फैक्टर बन गया है. आइए अब आपको बताते हैं सेडान और SUV में से कौन ज्यादा माइलेज देती है और क्यों.

Sedan vs SUV: माइलेज का फर्क

आमतौर पर सेडान कारें SUV के मुकाबले ज्यादा माइलेज देती हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि सेडान हल्की होती हैं, जमीन के ज्यादा पास होती हैं और उनकी बनावट ऐसी होती है कि हवा का कम रुकावट होती है. इससे उन्हें चलने में कम फ्यूल लगता है.

वहीं दूसरी तरफ, SUV साइज में बड़ी, ऊंची और भारी होती हैं, जिससे इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और नतीजा यह होता है कि फ्यूल की खपत ज्यादा हो जाती है.

सेडान कारें ज्यादा माइलेज क्यों देती हैं?

सेडान कारों का बॉडी वजन SUV के मुकाबले कम होता है. हल्की गाड़ी होने की वजह से इंजन पर ज्यादा लोड नहीं पड़ता, खासकर शहर की ट्रैफिक में, जिससे फ्यूल कम खर्च होता है. सेडान का डिजाइन नीचे और स्लिम होता है, जिससे हवा आसानी से कट जाती है. हाईवे पर चलते समय हवा का दबाव कम पड़ता है और माइलेज बेहतर मिलता है. ज्यादातर सेडान में छोटे लेकिन किफायती इंजन होते हैं, जो रोजमर्रा की स्मूद ड्राइविंग के लिए बनाए जाते हैं, न कि ऑफ-रोडिंग के लिए.

इन्हीं वजहों से भारत में पेट्रोल सेडान आमतौर पर 15-20 km/l तक का माइलेज देती हैं, जबकि डीजल सेडान असली चलाने की स्थिति में 21-22 km/l तक भी चल जाती हैं.

SUV कारें काम माइलेज क्यों देती हैं?

SUV गाड़ियां कई वजहों से लोगों को पसंद आती हैं, लेकिन माइलेज के मामले में ये आमतौर पर पीछे रह जाती हैं. इसकी वजह यह है कि इनमें ज्यादा मजबूत और भारी मटेरियल का इस्तेमाल होता है, जिससे गाड़ी का वजन बढ़ जाता है. इनका ऊंचा और चौड़ा डिजाइन हवा को ज्यादा काटता है, जिससे फ्यूल की खपत भी बढ़ जाती है. इसके अलावा बड़े इंजन, चौड़े टायर और कई बार ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम भी पेट्रोल-डीजल ज्यादा खर्च करवाते हैं. 

यही कारण है कि ज्यादातर पेट्रोल SUV लगभग 10 से 15 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती हैं, जबकि डीजल SUV मॉडल के हिसाब से थोड़ा बेहतर माइलेज दे सकती हैं.

हाइब्रिड SUV की अलग कहानी

वहीं बात करें हाइब्रिड SUV की तो थोड़ी अलग फैक्ट्स देखने को मिलता है. Maruti Grand Vitara जैसी हाइब्रिड SUV करीब 28 km/l तक का माइलेज दे सकती हैं, जो कई सेडान कारों से भी बेहतर है. आम तौर पर ज्यादातर सेडान कारें 15-20 km/l का माइलेज देती हैं, जबकि बिना हाइब्रिड टेक्नोलॉजी वाली SUV का माइलेज अक्सर 10-15 km/l के आसपास ही रहता है.

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Ankit Anand

लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.

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