ईवी खरीदने पर टैक्स में मिल सकती है बड़ी राहत, जानिए किन लोगों को मिलेगा ₹1.5 लाख तक का इनकम टैक्स बेनिफिट

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 02 Jun 2026 5:57 PM

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इलेक्ट्रिक कार लोन पर टैक्स बचाने का मौका / एआई-जेनरेटेड रिप्रेजेंटेशनल इलस्ट्रेशन

इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने के लिए लोन लिया है तो इनकम टैक्स में बड़ी राहत मिल सकती है. धारा 80EEB के तहत कौन पात्र है, कितनी छूट मिलेगी और किन दस्तावेजों की जरूरत होगी, जानिए पूरी जानकारी.

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भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच सरकार ने भी ईवी अपनाने को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की सुविधाएं दी हैं. इनमें सबसे खास फायदा इनकम टैक्स में मिलने वाली छूट है. बहुत से लोग ईवी खरीदते समय केवल फ्यूल सेविंग और कम मेंटेनेंस पर ध्यान देते हैं, लेकिन कम लोग जानते हैं कि अगर आपने इलेक्ट्रिक कार या अन्य ईवी खरीदने के लिए लोन लिया है तो आपको टैक्स में भी बड़ा फायदा मिल सकता है. हालांकि यह लाभ सभी लोगों को नहीं मिलता और इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं.

ईवी लोन पर कैसे मिलता है टैक्स बेनिफिट?

मिंट की रिपोर्ट की अनुसार, इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80EEB के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने के लिए लिए गए लोन के ब्याज पर टैक्स कटौती का लाभ मिलता है. इस प्रावधान के तहत एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹1.5 लाख तक के ब्याज पर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है. सरकार ने यह सुविधा खासतौर पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और लोगों को पेट्रोल-डीजल वाहनों से ईवी की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से शुरू की थी.

किन लोगों को मिल सकता है यह फायदा?

धारा 80EEB का लाभ केवल व्यक्तिगत करदाताओं को मिलता है. इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि ईवी खरीदने के लिए लिया गया लोन 1 जनवरी 2019 से 31 मार्च 2023 के बीच स्वीकृत हुआ हो. इसके अलावा यह छूट केवल ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वाले टैक्सपेयर्स के लिए उपलब्ध है. एचयूएफ, पार्टनरशिप फर्म, कंपनी या अन्य संस्थाएं इस सेक्शन के तहत लाभ नहीं ले सकतीं.

जरूरी दस्तावेज रखना होगा संभालकर

यदि आप इस टैक्स बेनिफिट का दावा करना चाहते हैं तो आपके पास बैंक, एनबीएफसी या किसी वित्तीय संस्था से लिए गए ईवी लोन का रिकॉर्ड होना चाहिए. आयकर रिटर्न दाखिल करते समय ब्याज भुगतान प्रमाणपत्र, वाहन का टैक्स इनवॉइस और लोन से जुड़े दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है. यह भी जरूरी है कि लोन विशेष रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने के लिए लिया गया हो.

बिजनेस के लिए इस्तेमाल होने वाली ईवी पर भी मिल सकता है लाभ

अगर कोई वेतनभोगी व्यक्ति ईवी का इस्तेमाल अपने व्यवसाय से जुड़े कामों के लिए करता है, तब भी वह धारा 80EEB के तहत डिडक्शन क्लेम कर सकता है. हालांकि वाहन का मालिक और टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाला व्यक्ति वही होना चाहिए जिसने लोन लिया हो. इससे छोटे कारोबारियों और प्रोफेशनल्स को अतिरिक्त राहत मिल सकती है.

क्या सामान्य कार लोन पर भी मिलता है टैक्स फायदा?

अगर वाहन इलेक्ट्रिक नहीं है तब भी कुछ मामलों में टैक्स राहत मिल सकती है. स्वरोजगार करने वाले या व्यवसाय चलाने वाले लोग कार लोन के ब्याज को बिजनेस एक्सपेंस के रूप में दिखा सकते हैं. इसके अलावा वाहन के व्यवसायिक उपयोग के अनुपात में ईंधन, मेंटेनेंस और डेप्रिसिएशन पर भी टैक्स कटौती का लाभ लिया जा सकता है. हालांकि इसके लिए वाहन के उपयोग का उचित रिकॉर्ड रखना जरूरी होता है.

ईवी खरीदने से पहले यह बात जरूर समझें

ईवी लोन पर मिलने वाला टैक्स लाभ उन लोगों के लिए अतिरिक्त बचत का अवसर बन सकता है जिन्होंने निर्धारित अवधि के दौरान लोन लिया था. हालांकि टैक्स नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं, इसलिए रिटर्न दाखिल करने से पहले किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा. सही दस्तावेज और पात्रता होने पर यह छूट आपकी कुल टैक्स देनदारी को काफी हद तक कम कर सकती है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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