EV मालिकों को बड़ी राहत: 15 साल बाद भी चल सकेंगे इलेक्ट्रिक वाहन, EoL नियम से छूट तय
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 08 Aug 2025 4:35 PM
EV EoL
EV EoL: भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को 15 साल बाद भी सड़क पर चलने की अनुमति देने जा रही है. EoL नियम में छूट से EVs की बिक्री बढ़ेगी. जानिए नीति आयोग की बैठक में क्या फैसले हुए.
EV EoL: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. जल्द ही यह स्पष्ट किया जा सकता है कि 15 साल पुराने वाहनों को हटाने वाला End ofLife (EoL) नियम इलेक्ट्रिक वाहनों पर लागू नहीं होगा. इसका मतलब है कि इलेक्ट्रिक बसें, कारें और ट्रक 15 साल के बाद भी सड़कों पर दौड़ते नजर आएंगे.
नीति आयोग की एक उच्चस्तरीय बैठक में EVs के धीमे प्रसार पर चिंता जताई गई. 2024 में EVs की हिस्सेदारी सिर्फ 7.6% थी, जबकि 2030 तक इसे 30% तक पहुंचाने का लक्ष्य है. दोपहिया, तिपहिया और बसों में EVs की हिस्सेदारी बेहतर है, लेकिन कारों और ट्रकों में यह बेहद कम है.
EoL नियम से EVs को छूट मिले, तो बिक्री में आ सकती है तेजी
बैठक में सड़क परिवहन सचिव वी उमाशंकर ने बताया कि अधिकतर 15 साल से ज्यादा पुरानी बसें निजी मालिकों की हैं. नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने सुझाव दिया कि अगर EoL नियम को EVs पर लागू नहीं किया जाए, तो उनकी बिक्री में तेजी आ सकती है.
इसके अलावा, CAFE नियमों को शहरी मालवाहक वाहनों और बसों तक बढ़ाने की तैयारी है, जिससे ईंधन की खपत और CO2 उत्सर्जन में कमी लाई जा सके.
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, नई बैटरी तकनीक और आसान फाइनेंसिंग की जरूरत
बैठक में यह भी तय हुआ कि सिर्फ प्रोत्साहन से आगे बढ़कर EV अपनाने को अनिवार्य बनाया जाए और जो EV नहीं अपनाएं उन्हें डिसइंसेंटिव दिया जाए. पांच शहरों में बसों, ऑटो, ई-रिक्शा और मालवाहक वाहनों को पूरी तरह इलेक्ट्रिक करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई.
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, नई बैटरी तकनीक और आसान फाइनेंसिंग की जरूरत पर भी सहमति बनी. बैंकों ने सरकार से बैटरियों को मानकीकृत करने और EV की लागत कम करने के लिए प्रोत्साहन देने की मांग की.
यह कदम भारत में हरित परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरणीय लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है.
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